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सद्‍गुरुतत्त्व की भक्ति से स्वयं को पहचानो (Know Yourself by SadguruTattva's Bhakti) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

सद्‍गुरुतत्त्व की भक्ति से स्वयं को पहचानो ( Know Yourself by SadguruTattva’s Bhakti) स्वयं को न पहचानना यह मानव की सबसे बडी गलती है l जीवन में किन बातों के कारण मुझे शान्ति मिलती है और किन बातों के कारण अशान्ति सताती है यह जानकर आचरण करना चाहिए l सद्‍गुरुतत्त्व की भक्ति से मानव स्वयं को पहचान सकता है l इसलिए साईनाथ से यह मन्नत मानना जरूरी है कि हे

‘स्व’चा शोध ( Self Discovery ) - Aniruddha Bapu Marathi Discourse 30 January 2014

मानवाने स्वत:ची परीक्षा घेणे थांबवून स्वत:चा शोध ( Self Discovery ) घ्यायला हवा. स्वत:त काय चांगले आहे याचा शोध घेताना माणसाला स्वत:ची ओळख पटते. स्वत:तील उत्तम व्यक्तिमत्व शोधण्यासाठी त्या भगवंतावर विश्वास ठेवा, त्याची भक्ती करा. भगवंताच्या कृपेने मानव खर्‍या ‘स्व’चा शोध घेऊन जीवनविकास साधू शकतो, असे परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापुंनी गुरूवार दिनांक ३० जानेवारी २०१४ रोजी च्या मराठी प्रवचनात श्री हरिगुरुग्राम येथे सांगितले, ते आपण या व्हिडियोत पाहू शकता.

भगवान की योजना को जीवन में कैसे उतारें (How to follow God's Plan) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

भगवान प्रत्येक मानव के जीवनविकास के लिए सर्वोत्तम योजना( plan ) बनाते एवं कार्यान्वित करते हैं l मानव जो योजना बनाता है, वह भगवान के द्वारा निर्धारित की गयी योजना से मेल खाती हो, तो ही उसे जीवन में सफलता मिलती है l भगवान के साथ जो प्रेमभाव से जुडे रहने से आपके द्वारा भगवान की योजना के साथ मेल खानेवाली योजना अपने आप बनती रहती है और आपका जीवन बेहतर

प्रेम से आती है जिम्मेदारी (Love brings Responsibility) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

जहाँ प्रेम होता है वहाँ प्रेम से अपने आप जिम्मेदारी आ जाती है l जहाँ प्रेम होता है वहाँ जिम्मेदारी बोझ नहीं लगती, बल्कि उससे तृप्ति मिलती है l सांवेगिक बुद्धिमत्ता को पहचानकर मानव उससे प्रेम करने वाले व्यक्ति के प्रेम को प्रतिसाद यानी रिस्पाँड करे और प्रेम के साथ अपनी पारिवारिक एवं सभी प्रकार की जिम्मेदारियों को अचूकता से निभाये l  प्रेम और जिम्मेदारी के बीच के रिश्ते के

भीती आहे बुद्धीच्या जडत्वाचे कारण (Fear is the cause of Inertia of Intellect) - Aniruddha Bapu Marathi Discourse 15 May 2014

भीती ही माणसाच्या जीवनात बुद्धीचे जडत्व निर्माण करते आणि त्यामुळे मानव बुद्धीचा वापरच करू शकत नाही. लहानपणापासून मुलांना वेगवेगळ्या प्रकारच्या भित्यांना दडपून त्यांना भित्रे बनवू नका, त्यांना भक्तीतून निर्भय बनवा. भक्तीचा पाया असला तर त्यांचे पाऊल कधीच वाकडे पडत नाही. भगवद्‍भक्ती करून बुद्धीला जडत्व येऊ न देता मानवाने निर्भय बनले पाहिजे, असे परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापुंनी गुरूवार दिनांक 15 मे २०१४ रोजी च्या मराठी प्रवचनात श्री हरिगुरुग्राम येथे

सांवेगिक बुद्धिमत्ता का महत्त्व (Importance of Emotional Intelligence) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

मानव अपनी भावनाओं को पहचानने में गलती करता है और इसी वजह से सही दिशा में आगे नहीं बढ सकता l सांवेगिक बुद्धिमत्ता(Emotional Intelligence) का उचित उपयोग करके मानव को गृहस्थी और परमार्थ में उचित कदम उठाते हुए अपना विकास करना चाहिए l सांवेगिक बुद्धिमत्ता के महत्त्व के बारे में परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापु ने अपने दि. 8 मई 2014 के हिंदी प्रवचन में महत्त्वपूर्ण विवेचन किया,  जो

दृढ विश्वास ही आवश्यक है (Firm Belief is necessary) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

मेरे जीवन में गृहस्थी एवं परमार्थ को एकसाथ सुफल संपूर्ण बनाने के लिए मुझे जिस जिस बात की   आवश्यकता है, वह प्रत्येक बात सद्‍गुरुतत्त्व के पास भरपूर है और वह उचित समय पर मुझे वह हर एक बात देने ही वाला है l मुझे जो भी माँगना है, वह मैं सद्‍गुरु से ही माँगूंगा और सद्गुरु के अलावा किसी और से कुछ भी स्वीकार नहीं करूँगा यह निर्धार श्रद्धावान के

बुद्धीचे जडत्व (Inertia of Intellect) - Aniruddha Bapu Marathi Discourse 15 May 2014

बुद्धीच्या जडत्वामुळे (Inertia of Intellect) मानवाचे जीवनातील आव्हानांना सामोरे जाण्याचे सामर्थ्य कमी होते. बुद्धीला जडत्व येऊ नये यासाठी मानवाने भगवद्‍भक्तीच्या आधारे बुद्धीवर उचित संस्कार करून स्वत:ची आव्हाने पेलण्याची शक्ती वाढवून स्वत:चा जीवनविकास करायला हवा, असे परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापुंनी गुरूवार दिनांक १५ मे २०१४ रोजी च्या मराठी प्रवचनात श्री हरिगुरुग्राम येथे सांगितले, ते आपण या व्हिडियोत पाहू शकता. ॥ हरि ॐ ॥ ॥ श्रीराम ॥ ॥ अंबज्ञ ॥

अनमोल काळ व्यर्थ दवडू नये Don't waste precious time

अनमोल काळ (वेळ) व्यर्थ दवडू नये (Don’t waste precious time) – Aniruddha Bapu Marathi Discourse 15 May 2014 वेळ(time) ही मानवाला भगवंताने दिलेली अनमोल देणगी आहे. प्रत्येक माणसाला जीवनविकास साधण्यासाठी भगवंताने पुरेशा संधी दिलेल्या असतात. पण मानवाला मिळालेल्या जीवनाच्या काळाला मर्यादा आहे. म्हणूनच मानवाने काळाचा अपव्यय न करता त्याचा सदुपयोग करायला हवा कारण गेलेला काळ कधीही परत येत नाही, असे परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापुंनी गुरूवार दिनांक 15 मे

सांवेगिक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) - Aniruddha Bapu Hindi Discourse 8 May 2014

मानव यह भावनाप्रधान प्राणि है l मानव की भावनाओं का अध्ययन करके उसके द्वारा व्यक्ति या समूह का रुझान सांवेगिक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) के आधार से जानने का विज्ञान आज कल विकसित हो रहा है l भावनाओं में बहकर किसी भी घटना के प्रति रिअ‍ॅक्ट न करते हुए परिस्थिति को रिस्पाँड करने के लिए मानव को सांवेगिक बुद्धिमत्ता का उपयोग करना चाहिए l  सांवेगिक बुद्धिमत्ता के बारे में परम पूज्य