Hindi Pravachan

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, anchamukha-Hanumat-kavacham Explanation - 06 ’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १६ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘पंचमुखहनुमत्कवचम्’ के विवेचन में प्राणशक्ति के नियन्त्रक हनुमानजी हैं, इस बारे में बताया। तो आप कहेंगे – बापू यानी विश्व की शक्ति जो है, उस विराट के अंदर नहीं आती। एक बाजू से देखें तो आपका कहना सही है। देखिये जो अभी जो सेकंड ग्रंथ में प्रेमप्रवास में लिखा है वैसे ही कि समझो एक यहा एक पात्र

Aniruddha Bapu Clip no 2 Virat

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १६ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘पंचमुखहनुमत्कवचम्’ के विवेचन में ‘विराट’ इस शब्द के बारे में बताया।   और विराट क्या क्या चीज है, हम लोग देखते हैं, अगर वेदों में हम लोग देखें, उपनिषदों में देखें, पुराणों में झाककर देखें, तो विश्व की उत्पत्ति अगर हुई तो उसमें उत्पत्तीकरण दिया गया है, वो बहुत जटिल है। उसमें एक स्टेज है ‘विराट’। हिरण्यगर्भ स्टेज

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, anchamukha-Hanumat-kavacham Explanation - 06 ’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १६ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘जो पवित्र है, वही विराट हो सकता है’ इस बारे में बताया। विराट यानी ऐसी कोई चीज, ऐसी कोई शक्ति कि जो जितनी चाहे फैल सकती है। जितनी चाहे, खुद चाहे, दूसरे किसी की इच्छा से नहीं, तो खुद की स्वयं की इच्छा से जितना चाहे उतनी फैल सकती है और किस दिशा में बढे या किस दिशा

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, Panchamukha-Hanumat-kavacham Explanation - 05 (Devata Gayatri Mantra) ’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘गायत्री मंत्र हमें इष्ट देवता का दर्शन अवश्य कराता है’ इस बारे में बताया। अभी देखिये कि मैंने पहले ही बताया था, लोग बोलते हैं कि भगवान को देखा नहीं तो उसपर प्रेम कैसे करेंगे? अभी माँ के पेट में बच्चा पल रहा है। आपने देखा है? माँ देख सकती है उसे? बाप देख सकता है? फिर भी

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, 'Panchamukha-Hanumat-kavacham Explanation - 04 (Panchamukhi Mata Gayatri)’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में, पंचमुखहनुमत्कवचम् विवेचन करते समय ‘पंचमुखी माता गायत्री’ के बारे में बताया। तो माता गायत्री भी पंचमुखी ही हैं और उनके मुखों के पाँच मुखों के रंग भी पंचमुख-हनुमत्‌ जैसे ही हैं। और गय गायत्री। गायत्री शब्द का अर्थ हम लोग ने जाना है, गायत्री मंत्र का भी जाना है। गय यानी प्राण। जो प्राणों का त्राण यानी तारण

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, 'Panchamukha-Hanumat-kavacham Explanation - 03 (Brahmajal)’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘पंचमुखहनुमत्कवचम् विवेचन – ०३ ( ब्रह्मजल )’ इस बारे में बताया।   मूलाधार चक्र में कौन है? गणेशजी हैं, स्वाधिष्ठान चक्र में कौन हैं, प्रजापति ब्रह्मा हैं। स्वाधिष्ठान चक्र किसके साथ जुडा हुआ है? जल के साथ। मूलाधार चक्र पृथ्वी तत्व के साथ जुडा हुआ है। स्वाधिष्ठान चक्र जलतत्व के साथ जुडा हुआ है। और ये जल क्या

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, 'Shoonyanam Shoonyasakshinii’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘शून्यानां शून्यसाक्षिणी’ इसके बारे में बताया।   ये ब्रह्मा ऋषि हैं, इससे हम लोगों को यह जानना चाहिये कि हमें नवनिर्मिति के लिये यानी transformation. इस जग में कोई नवनिर्मित नहीं होता। Everything is Transformation. एक रूप से बदलकर हम दूसरे रूप में जाते हैं। वो देखनेवाली कौन है? मेरी माँ है। शून्यानां शून्यसाक्षिणी।    अब यहा भी

Aniruddha Bapu - पंचमुखहनुमत्कवचम्

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘पंचमुखहनुमत्कवचम्’ के बारे में बताया। सो, इसलिये ये हमें दिशादर्शन करने के लिये, सही रास्ते में, हमें रास्ते में प्रवास के लिये जो भी आवश्यक है, यानी पंचमुखहनुमत्कवच हो या और कोई कवच हो या कोई स्तोत्र हो, मान लो स्तोत्र हो, तो उस प्रवास के लिये आवश्यक जो भी चाहिये वो हमें पूरा करने के लिये कौन

Aniruddha Bapu told in his Pitruvachanam dated 14 Jan 2016 about, 'Panchamukha-Hanumat-kavacham Explanation’.

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०९ मार्च २०१७ के पितृवचनम् में ‘पंचमुखहनुमत्कवचम् विवेचन’ के बारे में बताया। ये पंचमुखहनुमत्कवचम्, जो मैने कहने के लिये, पठन करने के लिये इस साल के लिये बोला है, जिसके बारे में हम लोगों ने अग्रलेखों में भी बहुत कुछ पढा। आज से हम इस कवच का अर्थ जानने की कोशिश करेंगे। लेकिन बहुत ही संक्षिप्त में। बहुत मैं विस्तार में जाऊंगा तो शायद

Shivapanchakshari Stotra_Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ०२ मार्च जनवरी २०१७ के पितृवचनम् में शिवपंचाक्षरी स्तोत्र यह ‘ॐ नमः शिवाय’ इस मंत्र का ही स्पष्टीकरण है’, इस बारे में बताया। ये शिवपंचाक्षरी स्तोत्र क्या करता है, ‘ॐ नमः शिवाय’ इस मंत्र का ही explanation देता है, स्पष्टीकरण करता है। हमें जानना चाहिये कि ये हमें ये तत्व भी सिखाता है कि भाई, प्रार्थना करनी है तो कैसी कि भगवान ही सब