Hindi Pravachan

Sadguru Shree Aniruddha’s Pitruvachan (Part 2) – 07 March 2019

हरि ॐ. श्रीराम. अंबज्ञ. नाथसंविध्‌, नाथसंविध्‌, नाथसंविध्‌। अभी जो मंत्रगजर हम लोग कर रहे थे – भक्तिभावचैतन्य की परिपूर्ण स्थिती, right? लेकिन है क्या यह मंत्रगजर? सबको सबकी परिभाषा चाहिए, definition चाहिए। Few things are very difficult to define, you have to understand! उनकी परिभाषा करना, व्याख्या करना, definition देना बहुत कठिन होता है, समझना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन जानना बहोत आसान होता है। देखिए, आजकल कितने लोग स्मार्ट

sedentary lifestyle

हरि ॐ, श्रीराम, अंबज्ञ, नाथसंविध्‌,  नाथसंविध्‌,  नाथसंविध्‌.  कष्ट के बिना फल नहीं, ओ.के? और बाकी सारी चीज़ों के लिए तो हमलोग कष्ट करते रहते हैं। We go on putting our all efforts in everything….whatever we desire for. जो हमे चाहिए, उसके लिए हम लोग बहुत प्रयास करते रहते हैं…. मन से, तन से, धन से; लेकिन ये सब चीज़ें जो देता है, उसके लिए हम कितने श्रम करते हैं? ये

sedentary lifestyle

॥ हरि ॐ ॥ श्रीराम ॥ अंबज्ञ॥ नाथसंविध्‌ नाथसंविध्‌ नाथसंविध्‌      जीवन में किसी को यह चाहिए, किसी को वह चाहिए, एक ही इन्सान के जीवन में, सुबह में यह चाहिए, तो दोपहर में दूसरा कुछ चाहिए, शाम को तीसरी चीज़ चाहिए, रात को चौथी चाहिए, सपने में पाँचवी चीज़। Right? चलते ही रहता है। उसमें कोई बुराई नहीं हैं, it happens. होता है। लेकिन अभी समझो, हम लोग कोई

खुद के कंधे पर खुद का सर होना चाहिये (Should be the head of self on own shoulder)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ९ अक्तुबर २०१४ के प्रवचन में ‘खुद के कंधे पर खुद का सर होना चाहिये’ इस बारे में बताया।   खुद के जिंदगी में इसलिये सिर्फ ये सिखो, कि बाबा जो है वो क्या करता है हमारी अच्छी मूरत बनाना चाहता है। लेकिन हमारा पाषाण जो है, हमारा पत्थर जो है, जब हम लोग सोचेंगे, कि बाबा चाहे तो आप छिन्नी उठाओ, बाबा आप चाहे

हमारी हर एक की अपनी अपनी क्षमता होती है (We All Have Our Own Abilities)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ९ अक्तूबर २०१४ के प्रवचन में ‘हमारी हर एक की अपनी अपनी क्षमता होती है’ इस बारे में बताया।   पहले inter science था, अभी तो उसके बाद में, बहुत सालों के बाद, १२वीं आयी, inter-science के बाद, मतलब १२वीं के बाद समझो, 12th के बाद, एक तो बच्चे मेडिकल में जायेंगे, engineering में जायेंगे तो सिर्फ कौन से, तो इलेक्ट्रिकल, mechanical, उसके बाद में

खोजिए और आपको मिल जायेगा (Search and you will get)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ९ अक्तूंबर २०१४ के प्रवचन में ‘खोजिए और आपको मिल जायेगा’ इस बारे में बताया।   उसने हमें क्या नही दिया, सब कुछ दिया है। तो पहले खोजो। खुद को सर्च करो पहले, मेरे पास क्या है? मेरे पास क्या क्षमता है? What are my capacities? उन्हें ढुंडो जरा। बहुत सारे लोग जीवन के अंत तक जान नही सकते कि मेरे पास क्या खास है?

प्रार्थना ही हमारे सामर्थ्य का स्रोत है (The Prayer is the source of our strength)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २७ मार्च २०१४ के प्रवचन में ‘प्रार्थना ही हमारे सामर्थ्य का स्त्रोत है’ इस बारे में बताया। हमारे लिये जो आवश्यक है जितनी प्रार्थना, उतनी प्रार्थना वो हमे जरूर देगा। दर-दर जाकर भीक माँगने की आवश्यकता नहीं है। मेरा बाप जो है उसने हमें जनम देते समय जो इस्टेट दी है हमें, उसपर पूरा जनम चल रहा है। right? दिन में कितनी बार हार्ट बीट्स

साईनाथ अपने भक्त को अपने समीप खींच लेते हैं  (Sainath pulls His devotee closer to him)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २७ मार्च २०१४ के प्रवचन में ‘साईनाथ अपने भक्त को अपने समीप खींच लेते हैं’ इस बारे में बताया। हम मंदिर में जाते हैं, जरुर! ये इच्छा कैसे उत्पन्न हुई? बाबा की इच्छा ना हो, बाबा के मंदिर में या बाबा के पास, कभी नहीं जा सकते, ये पूरा भरोसा रखो। बाबा ने सौ बार बोला है साईचरित्र में कि मेरी इच्छा के बिना कोई

भगवान को एक प्यारी सी स्माईल दो (Give The Lord your warm smile)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २७ मार्च २०१४ के प्रवचन में ‘भगवान को एक प्यारी सी स्माईल दो’ इस बारे में बताया। सो पहले जान लें कि इस स्थान पर हम लोग बाबा की उपासना करने को आये हैं, इसका मतलब है यहां बाबा हैं। तो पहले स्माईल देना, ये क्या है, हमारा कर्तव्य है। भगवान को सुबह उठने के बाद भी, उसका चित्र हमारे सामने रहेगा, तो पहले give