Hindi Pravachan

स्तुति-प्रार्थना (Stuti-Prarthana) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 01 Jan 2015

स्तुति-प्रार्थना (Stuti-Prarthana) मानव जो सोचता है वही तत्त्व उसके पास आता है और जैसा वह सोचता है वैसा वह बनता है। मैं त्रिविक्रम की संतान हूं और इसलिए मेरे पास मेरे पिता के सारे गुण अल्प प्रमाण में ही सही मगर अवश्य ही हैं, इस विश्वास के साथ भगवान से मांगना चाहिए। भगवान सर्वसमर्थ हैं, भगवान सर्वगुणसंपन्न हैं, इस तरह भगवान पर विश्वास जाहिर करके उनसे प्रार्थना करनी चाहिए। इसे

‘मैं हूँ’ यह त्रिविक्रम का मूल नाम है (‘I Am’ Is Trivikram's Original Name) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 01 Jan 2015

‘मैं हूँ’ यह त्रिविक्रम का मूल नाम है (‘I Am’ Is Trivikram’s Original Name) आदिमाता चण्डिका और उनके पुत्र त्रिविक्रम (Trivikram) से कुछ मांगते समय श्रद्धावान को सकारात्मक (पॉझिटिव्ह) रूप से मांगना चाहिए। वेदों के महावाक्य यही बताते हैं कि हर एक मानव में परमेश्वर का अंश है। यदि मानव में परमेश्वर का अंश है तो उसे नकारात्मक रूप से मांगने की आवश्यकता ही नहीं है। ‘मैं हूँ’ यह त्रिविक्रम

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तुम्हारी उपलब्धि नहीं बल्कि तुम्हारा विश्वास निर्णायक साबित होता है (You Are Not Judged By Your Performance, You Are Judged By Your Faith) नववर्ष २०१५ में श्रद्धावानों ने प्रेम के पौधे को बढाने का, तुलना न करने का, न्यूनगंड को जगह न देने का, विकास के लिए हर रोज रात को कम से कम १० मिनट शान्ति से बैठने का संकल्प किया है। तुम कितने बडे बडे काम करते हो

त्रिविक्रम तुमसे प्रेम करते हैं (Trivikram Loves You) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

त्रिविक्रम तुमसे प्रेम करते हैं (Trivikram Loves You) श्रद्धावान को दुष्प्रारब्ध से डरना नहीं चाहिए, किसी भी मुसीबत से हार नहीं माननी चाहिए। आदिमाता चण्डिका और उनके पुत्र त्रिविक्रम से श्रद्धावान को सहायता अवश्य मिलती है। वे श्रद्धावान की हर प्रकार से सहायता करते ही हैं। त्रिविक्रम क्यों हमारे लिए इतना करते हैं? क्योंकि वे प्रेममय हैं। त्रिविक्रम तुमसे निरपेक्ष प्रेम करते हैं, इस बारे में परमपूज्य सद्गुरू श्री अनिरुद्ध

त्रिविक्रम हमें सभी प्रकार की बीमारियों से मुक्त करता है (Trivikram Heals All Our Diseases) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

त्रिविक्रम हमें सभी प्रकार की बीमारियों से मुक्त करता है (Trivikram Heals All Our Diseases) शरीर, मन को आवश्यक रहनेवाली शक्तियों में से एक शक्ति है, निरोगीकरण शक्ति यानी द हीलिंग पॉवर। इस शक्ति की आपूर्ति करता है- त्रिविक्रम । शरीर, मन के साथ साथ धन, परिवार, कार्य आदि अनेक क्षेत्रों में रहनेवाली बीमारियों को ठीक करने के लिए इस हीलिंग पॉवर की मानव को जरूरत होती है। त्रिविक्रम हमें

प्रतिदिन कम से कम दस मिनट तक शान्ति से बैठिए (Sit Quite At Least For 10 Minutes A Day) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

प्रतिदिन कम से कम दस मिनट तक शान्ति से बैठिए (Sit Quite At Least For 10 Minutes A Day) भगवान का मूल रूप निर्गुण निराकार है। सुसन्तुलितता, शान्ति, अचलता यह वह रूप है। सन्तुलितता निर्माण करना मानव के लिए संभव नहीं होता, लेकिन शान्ति से, अचल स्थिति में तो यकीनन ही बैठ सकते हैं। कम से कम दस मिनट हर रोज शान्ति से बैठे रहने से आदिमाता चण्डिका और चण्डिकापुत्र

अचल बन जाओ और भगवान को जान लो (Be Still And Know The God) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

अचल बन जाओ और भगवान को जान लो (Be Still And Know The God) दिन में थोडासा समय निकालकर शान्ति से बैठ जाइए। उस वक्त मन में जो विचार आते रहें उन्हें वैसेही आने दे। ना तो विचारों को काबू करने की कोशिश करें और ना ही मन को काबू करनेकी कोशिश करें। इस तरह अचल स्थिति मे रहनेसे आप भगवान (The God) को जान सकोगे, इस बारे में परमपूज्य

तुम शरीर नहीं हो जिसमें आत्मा है, बल्कि तुम वह आत्मा हो जिसके पास शरीर है  (You Are Not A Human With A Soul But You Are A Soul With A Human Body) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

तुम शरीर नहीं हो जिसमें आत्मा है, बल्कि तुम वह आत्मा हो जिसके पास शरीर है (You Are Not A Human With A Soul But You Are A Soul With A Human Body) मानव ऐसा समझता है कि शरीर में आत्मा है, लेकिन यह गलत है। सच तो यह है कि मूलत: तुम एक आत्मा हो जिसके कार्य के लिए भगवान ने तुम्हें शरीर दिया है। मानव को चाहिए कि

तुलना से न्यूनगंड का निर्माण होता है - भाग २ (Comparison Leads To Inferiority Complex - Part 2) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

तुलना से न्यूनगंड का निर्माण होता है – भाग २ (Comparison Leads To Inferiority Complex Part – 2) मानव अपनी तुलना अपने परदे के पीचे के किरदार की तुलना अन्य व्यक्तियों के परदे पर के किरदार के साथ करते हैं। स्वाभाविक रूप में, इस तुलना में अन्य व्यक्तियों के परदे पर का किरदार हमारे वास्तविक जीवन के किरदार को हरा देता है। कोई भी मानव परिपूर्ण नहीं होता, यह ध्यान

तुलना से न्यूनगंड का निर्माण होता है - भाग १ (Comparison Leads To Inferiority Complex Part 1) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

तुलना से न्यूनगंड का निर्माण होता है – भाग १ (Comparison Leads To Inferiority Complex Part 1) मानव अपनी तुलना अपने परदे के पीचे के किरदार की तुलना अन्य व्यक्तियों के परदे पर के किरदार के साथ करते हैं। स्वाभाविक रूप में, इस तुलना में अन्य व्यक्तियों के परदे पर का किरदार हमारे वास्तविक जीवन के किरदार को हरा देता है। कोई भी मानव परिपूर्ण नहीं होता, यह ध्यान में