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Hindi Pravachan

जन्म और मृत्यु ये भी हमारे लिए बडे संदर्भ-बिन्दु हैं – Sadguru Shree Aniruddha Bapu

जन्म और मृत्यु ये भी हमारे लिए बडे संदर्भ-बिन्दु हैं

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने १५ मई २०१४ के पितृवचनम् में ‘जन्म और मृत्यु ये भी हमारे लिए बडे संदर्भ-बिन्दु हैं(The Birth and The Death are also the biggest reference points for us)’ इस बारे में बताया। हमारे जन्म और मृत्यु भी क्या है? They are two biggest reference points. ये संदर्भ-बिन्दु हैं। जन्म मृत्यु क्या होते हैं? संदर्भ-बिन्दु हैं, that is ... Read More »

काल और दिशा ये हमारे लिए संदर्भ-बिन्दु हैं (The Time And The Direction are the reference points for us) – Sadguru Shree Aniruddha Bapu

The Time And The Direction are the reference points for us

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने १५ मई २०१४ के पितृवचनम् में ‘दिशा और काल हमारे लिये ‘काल और दिशा ये हमारे लिए संदर्भ-बिन्दु हैं’ इस बारे में बताया। सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने १५ मई २०१४ के पितृवचनम् में ‘दिशा और काल हमारे लिये ‘काल और दिशा ये हमारे लिए संदर्भ-बिन्दु हैं’ इस बारे में बताया। दिशा और काल ये क्या है हमारे लिये? ... Read More »

इन्द्र-शक्ति (Indra-Shakti) – Aniruddha Bapu

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध ने ६ मार्च २०१४ के पितृवचनम् में ‘ इन्द्र-शक्ति ’ के बारे में बताया। नीचे से गंदा पानी ऊपर लेके जाना, ऊपर रख देना, ऊपर रखते हुए भी नीचे फेंक देना, नीचे दे देना, वो भी without any charge. ये एक ही साथ तीन पैर चलनेवाला, तीन कदम चलनेवाला, ये त्रिविक्रम है और ये जल की शक्ति सारी उसी ... Read More »

त्रिविक्रम एकसाथ तीन कदम चलते हैं (Trivikram walks 3 steps at a time) – Aniruddha Bapu

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध ने ६ मार्च २०१४ के पितृवचनम् में ‘त्रिविक्रम एकसाथ तीन कदम चलते हैं’ इस बारे में बताया। जल जो है इस पृथ्वी पर, पृथ्वी के अंतरिक्ष में हो या पृथ्वी पर हो, कुए में हो या नदी में हो या सागर में हो, आपके बदन में हो, कहीं भी हो, ये जल जितना बना पहले, उतना ही ... Read More »

उनके जैसे वही सक्षम है (He is Himself competent enough) – Aniruddha Bapu

भगवान की कृपा

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने ३० जनवरी २०१४ के पितृवचनम् में ‘उनके जैसे वही सक्षम है’ इस बारे में बताया। हमारे लिये बहुत संकट हैं, अडचन है, हमें भगवान चाहिये, भगवान की कृपा चाहिये, तो पहले ये जान लो कि भगवान की कृपा किसे प्राप्त करनी है? मुझे प्राप्त करनी है। मुझे कोई लाकर देनेवाला नहीं है। मेरे लिये, अगर मुझे कुछ ... Read More »

भगवान का प्यार हमें बदल देता है (God’s love changes us) – Aniruddha Bapu

भगवान का प्यार हमें बदल देता है (God's love changes us)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने ३० जनवरी २०१४ के पितृवचनम् में ‘भगवान का प्यार हमें बदल देता है’ इस बारे में बताया। अपनापन चाहिये। अपनापन कब टिकता है? जब हम सोचते हैं कि जिससे मैं प्रेम करता हूँ, उसने मेरे लिये क्या किया है और हम गिनती बंद कर देते हैं । यह सोचोगे कि मैंने क्या किया है, तभी ध्यान में ... Read More »

भय यह हमेशा परिस्थिती से उत्पन्न होता है (Fear is always because of condition) – Aniruddha Bapu

भय यह हमेशा परिस्थिती से उत्पन्न होता है। (Fear is always because of condition)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने २३ जनवरी २०१४ के पितृवचनम् में ‘ भय यह हमेशा परिस्थिती से उत्पन्न होता है।’ इस बारे में बताया। भय, जिस चीज से आप डरते हो, वो चीज अपनेआप तुमसे ज्यादा बलशाली हो जाती है, अपनेआप। और भय कैसे उत्पन्न होता है? It is because of condition. Fear is always because of condition. सारे के सारे fears, ... Read More »

विश्वास की सीढी (The Step of Faith) – Aniruddha Bapu

विश्वास की सीढी (The Step of Faith

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने २३ जनवरी २०१४ के पितृवचनम् में ‘हमें विश्वास की सीढि चढना चाहिए’ इस बारे में बताया।। हम लोग अगर बाबा के टाईम में होते, बाबा ने मुझे देखा कि नहीं, देखा कि नहीं, पूरा टाईम हमारा उसमें ही जाएगा । इधर बाबा ने देखा कि नहीं देखा। अरे, तुम तुम्हारा काम करो, उसे उसका काम करने दो ... Read More »

लीला की व्याख्या (Definition Of Leela) – Aniruddha Bapu Pitruvachanam

लीला की व्याख्या (Definition Of Leela)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध ने २० फरवरी २०१४ के पितृवचनम् में ‘लीला की व्याख्या’ के बारे में बताया। तो ये भगवान की कृपा जो है, दिखाई नहीं पडती, हेल्थ दिखाई नहीं पडती, हेल्थ के असर हम लोग जानते हैं। Proper आरोग्य क्या है, हम महसूस कर सकते हैं। वैसे ही भगवान की कृपा यह महसूस करने की बात होती है। और ... Read More »

भगवान की कथाओं के द्वारा मन में आध्यात्मिक परिवर्तन (The Spiritual Transformation of the Mind through God’s Stories) – Aniruddha Bapu

The Spiritual Transformation of the Mind through God's Stories

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने २० फरवरी २०१४ के पितृवचनम् में ‘भगवान की कथाओं के द्वारा मन में आध्यात्मिक परिवर्तन’ इस बारे में बताया। तो वैसे ही जब भगवान की कथा पढते हैं, तब वही कथा अपनी जिंदगी में भी, उसका कनेक्शन अपने-आप जोडते रहते हैं। श्रीकृष्ण की कथा आती है, बाललीला की, हम लोग भी कितना मजा करते थे, हम अगर ... Read More »

दिन में कम से कम चौबीस मिनट तो उपासना करनी ही चाहिए (One should perform Upasana everyday at least for 24 minutes) – Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ३ सितंबर २०१५ के पितृवचनम् में ‘दिन में कम से कम चौबीस मिनट तो उपासना करनी ही चाहिए’ इस बारे में बताया। एक चीज बोलता हूँ कि बड़े प्यार के साथ। वेद हैं चार, अठारह पुराण हैं, तेईस उपपुराण हैं, एक सौ आठ उपनिषद हैं, गीता है, रामायण है, महाभारत है, अपने ही सारे ... Read More »

श्रीशिवगंगागौरी गदास्तोत्र की महिमा (The Greatness of ShriShivaGangaGauri Gadastotra) – Aniruddha Bapu

श्रीशिवगंगागौरी गदास्तोत्र की महिमा - Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ३ मार्च २०१६ के पितृवचनम् में’ ‘श्रीशिवगंगागौरी गदास्तोत्र की महिमा’ इस बारे में बताया। श्रीशिवगंगागौरी गदास्तोत्रम्। श्रीशिवगंगागौरी गदा, उसके हाथ में गदा रहती है ना, उसके बाजू में गदा रखी होती है। तो गदास्तोत्र। और ये जो है, इसमें जो कलियुग की जो कलि का प्रभाव बढ रहा है, ये वृत्र हम पर जो ... Read More »

श्रीशब्दध्यानयोग-प्रदक्षिणा के बारे में जानकारी (Shreeshabdadhyaanayoga Pradakshina Information) – Aniruddha Bapu

श्रीशब्दध्यानयोग-प्रदक्षिणा

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ३ मार्च २०१६ के पितृवचनम् में’ ‘श्रीशब्दध्यानयोग-प्रदक्षिणा’ के बारे में जानकारी दी। दूषित वातावरण का इन्फेक्शन होने से बचने के लिये, ये बुरी प्रवृत्तियां हमारे बच्चों में ना आये और आयी हुई हों तो निकल जायें इसके लिये और मैं कुछ करने जाऊं, टाईम टाईम पर मुझे बताना पडेगा, क्योंकि मैने always बताया है ... Read More »

आपके साथ जप करने के लिए त्रिविक्रम को बुलाइए (Invite Trivikram to Chant with You) – Aniruddha Bapu

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १४ जनवरी २०१६ के पितृवचनम् में जिंदगी में ‘आपके साथ जप करने के लिए त्रिविक्रम को बुलाइए’ इस बारे में बताया। अध्यात्म करते समय भी, बापू ने बोला है अभी ३६ बार कुछ करना है या १० बार करें, जो आप करते हो, तभी पहले उनको बुलाना, हे दादी माँ, आजा! हे त्रिविक्रम, आ ... Read More »

४ सेवाओं का उपहार (The Gift of 4 Yojanas) – Aniruddha Bapu Pitruvachanam

परमपूज्य सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ३० नवंबर २०१७ के पितृवचनम् में ‘४ सेवाओं का उपहार’ इस बारे में बताया। हर साल, हर दिन, हर पल हर एक श्रद्धावान के मन में, हर एक इन्सान के मन में ये विचार रहता है कि मैं जिस स्थिति में हूं, उस स्थिति से मैं और कैसे आगे चला जाऊं, मेरा विकास कैसा ... Read More »