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Arrival of Shri Ganesh at Shree Aniruddha Gurukshetram

Hari Om Dear Friends, The long wait for Ganapati Bappa got finally over today. Amidst great fanfare, with Shraddhavaans dancing to the drum beats Ganapati Bappa was brought to Happy Home to our beloved Sadguru, Bapu’s residence. The huge procession started on the dot of 6.15 p.m. near Amarsons on Linking Road, Bandra and reached Happy Home at around 7.45 pm. Before that, the idol of Datta Bappa and Ganapati

Shree Moolarka Ganesh, श्रीमूलार्क गणेश

ll हरि ॐ ll कल पोस्ट में लिखे अनुसार आज बापूजी ने अधिक मॉस की अंगारक संकष्ट चतुर्थी के दिन दिव्य, सिध्द एवं स्वयंभू श्रीमूलार्क गणेश जी की श्रीअनिरुध्द गुरुक्षेत्रम्‌ में स्थापना की |   आज पासून नित्य दर्शनाच्या वेळेमध्ये प्रत्येक श्रध्दावान  या गणेशाचे दर्शन घेऊ शकेल. ॐ गं गणपते श्रीमूलार्कगणपते वरवरद श्रीआधारगणेशाय नमः सर्वविघ्नान्‌ नाशय सर्वसिद्धिं कुरु कुरु स्वाहा ।। काल बापूंनी दिलेला हा जप प्रत्येक श्रध्दावान करु शकतो.

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शुक्रवार दिनांक ३१ अगस्त २०१२ के रोज़ रात के ८.४५ बजे बापूजी (अनिरुद्धसिंह) का श्रीअनिरुद्धगुरुक्षेत्रम् में आगमन हुआ | उनहोंने अपने साथ कुल १२ ज्योतिर्लिंगों का प्रतिनिधित्व करनेवाले, संगमरमर के १२ श्रीबानलिंग लाये और उनहोंने वे एक थाली में रखे | तत्पश्चात उनहोंने वह थाली धर्मासन पर रखी | इन बारह श्रीबनलिंगों में से एक बनलिंग का आकर बड़ा एवं भिन्न रंग था और जैसी निशानी श्रीमाहादुर्गेश्वर की है वैसी ही निशानी

Shree Moolarka Ganesh, श्रीमूलार्क गणेश

श्रीमांदार गणेश जी का स्वागत Welcoming Mandar Ganesh)   श्रीमांदार गणेश अत्यंत सिद्ध एवं स्वयंभू गणेशजी का स्वरूप है | इसे श्रीमांदार गणेश या श्रीमूलार्क गणेश या  श्रीश्वेतार्क गणेश भी कहा जाता है | ऐसे श्रीमांदार गणेशजी के स्वागत के लिए / स्थापना के लिए जरुरी वेदोक्त विधियां साम्प्रत श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में हो रही हैं | आम तौर पर मार्केट में / अन्यत्र इसके स्वरूप जैसी कई मूर्तियाँ दिखाई देती हैं;

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रूद्रसेवा कल सोमवार, वह भी सावन मास का, हर सोमवार को श्री अनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम में रूद्रसेवा होती है | प्रत्येक श्रद्धावान इस रुद्रसेवा में शामिल हो सकता है | इस विधि के चलते अन्य स्तोत्रों के अलावा ११ बार श्रीरुद्रपाठ किया जा सकता है तथा उस वक्त श्रीदात्तात्रेयजी की मूर्ति पर दूध से अभिषेक किया जा सकता है तथा पूजा में शामिल हुआ जा सकता है | यह मूर्ति बापूजी के

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मेरे पहले ब्लॉग पर मुझे एक वाचक से निम्नलिखित टिप्पणी मिली हैं जिसमें वाचक (’स्टॉप द थर्ड वर्ल्ड वॉर’ नामक प्रोफाईल) ने घोरकष्टोध्दरण्‌स्तोत्र पर मेरे अंग्रजी में लिखे गए लेख का हिंदी में अनुवाद किया हैं l इस वाचक की मेहनत की दाद देते हुए मैं उसका अनुवाद मेरे इस हिंदी ब्लॉग  पर प्रकाशित कर रहा हूँ  जो इस प्रकार हैं: कल हम जप Shraavan के महीने में Ghorakashtoddharan Stotra के महत्व को देखा

Why the Human Birth – Hemadpant पिछले हफ्ते की दारा सिंहजी के मृत्युकी खबर सभीकों दु:ख देकर गई। हर एक भारतीय खेद व्यक्त कर रहा था। लेकिन मौत यह जीवन की अपरिहार्यता (कडवा सच) हैं। साईसत्‌च्चरित कें ४३ वे अध्याय में हेमाडपंतजीं हमें यही बताते हैं।जन्म के साथ मृत्य आवश्‍य आती है l इन्हें एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता l मरण जीव की प्रकृति का लक्षण है l