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२७ जून २०१३ के प्रवचन में बापु के द्वारा विशद की गयी गेहूँ का सत्त्व बनाने की रेसिपी यहाँ पर दी जा रही है।  गेहूँ का सत्त्व बनाने के लिये गेहूँ रात को पानी में भिगोकर रख दीजिए। अगले दिन यह पानी निकालकर गेहूँ को नये पानी में भिगोइए। तीसरे दिन यह पानी निकालकर गेहूँ को पुन: नये पानी में भिगोइए। चौथे दिन गेहूँ में से पानी निकाल दीजिए और इस भिगोये गये गेहूँ

धारी माता का प्रकोप

हाल ही में उत्तराखंड में जलप्रलय हुआ जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर मानवहानी तथा वित्तहानी हुई। यह सारी ख़बरें हम समाचार पत्रों में और न्युजचॅनल्स्‌ में देख ही रहें थे। कल प्रवचन के दौरान बापूजी ने इस घटना का उल्लेख किया। इस बात से सम्बंधित लेख आज के दैनिक प्रत्यक्ष में प्रकाशित हुआ है। उसका हिंदी अनुवाद यहॉं दे रहा हूँ। ऐसा माना जाता है कि चारधाम यात्रा करनेवाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा धारा माता करती है।

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अनिरुद्धधाम (Aniruddhadham) हरि: ॐ मंगलवार दिनांक ०७-०५-२०१३ को, अक्कलकोटनिवासी श्री स्वामी समर्थ पुण्यतिथि के पवित्र दिन, प्रथम अनिरुद्धधाम के निर्माणकार्य शुरुआत डुडूळ गाँव, देहू- आळंदी रोड (तालुका हवेली, जिला पुणे) में हुई। परमपूज्य बापुजी के निर्देश के अनुसार महाधर्मवर्मन्‌ डॉ. योगीन्द्रसिंह जोशी और डॉ. सौ. विशाखावीरा जोशी ने कुछ श्रद्धावानों के साथ निर्माणकार्य की शुरुआत होने से पहले कार्यारंभ-पूर्व की जानेवाली उपासना की। इसमें श्री गुरुक्षेत्रम् मन्त्र, ’ॐ गं गणपतये

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Sainiwas Documentary हरी ॐ मित्रों, पिछले गुरूवार को, अर्थात ३१ जनवरी २०१३ को श्रद्धावनों के लिए स्वस्तिक्षेम संवाद के बाद, जो बापूजी के हिंदी प्रवचन के लिए बैठते हैं उनके लिए साईंनिवास डाक्यूमेंट्री (हिन्दी में डबींग की हुई) लगाई गयी थी। चूंकि मूल प्रति की अवधि २ घंटों की है, इसका संक्षिप्त प्रारूप, जिसकी अवधि ४५ मिनटों की है, वह दिखाई गई। उपस्थितों में से बहुतों ने पहले ही मूल मराठी प्रति देखी

स्वस्तिक्षेम संवादम्‌ (Swastikshem Sanwad)

कल परमपूज्य बापूजी ने प्रवचन में स्वस्तिक्षेम संवादम्‌ की संकल्पना सारे श्रद्धावानों के समक्ष रखी; सभी श्रद्धावानों के हित के लिए। इस में प्रत्येक श्रद्धावान को चण्डिकाकुल के किसी भी सदस्य के साथ संवाद करना है। श्रद्धावान के मन की भावना, विचार या वो जो कुछ कहना चाहता है वो उस सदस्य के समक्ष कह सकता है। पहले बापू श्रीहरिगुरुग्राम में प्रवचन से पूर्व, “सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि

॥ हरि ॐ॥ कल श्रीहरिगुरुग्राम में हुए प्रवचन में, श्रीअनिरुद्धजी ने भारत में हाल ही में हुईं कुछ घटनाओं पर भाष्य किया; जिन घटनाओं के कारण सारा भारत हिल गया था, दहल गया था| हर एक समझदार और संवेदनशील भारतीय नागरिक इन घटनाओं  से व्यथित हो गया| बापु ने अपने इस प्रवचन में अपने सभी श्रद्धावान मित्रों को एक आश्‍वासक दिलासा दिया| बापु के इस प्रवचन का महत्त्वपूर्ण ‘आश्‍वासक’ भाग

बापूजी द्वारा श्रद्धावानानों के लिए नववर्ष की सौगात - मातृवात्सल्य उपनिषद (New year gift to Shraddhavan-Matruvatsalya Upanishad)

New year gift to Shraddhavan-Matruvatsalya Upanishad ॥ हरि ॐ ॥   दीवाली से पहलेवाले गुरूवार के प्रवचन में बापूजी ने कहा था कि दत्तजयंतीके दिन मातृवात्सल्य उपनिषद उपलब्ध होगा। तब बापूजी ने उपनिषद के बारेमें कहा था कि, “यह उपनिषद हर एक के लिए उस के जीवन की, मन की कमतरता के लिए उसके दुर्गुणोंके लिए, प्रत्येक पुण्य के लिए, प्रत्येक पाप के लिए, उसके पूर्व एवं इस जीवन के

एक्स्पोनेंट (अर्थदर्शक) जर्नल्स के ग्रूप से ई-जर्नल्स लॉन्च किए गए हैं।(Exponent group of journals launched)

।। हरि ॐ ।।       में यह बताते हुए बड़ा ही हर्ष और गर्व महसूस कर रहा हूँ की कार्तिक पूर्णीमा (हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक बापूजी का जन्मदिन) के शुभ अवसर पर, अर्थात २८ नवम्बर २०१२ के दिन हमने ई-जर्नल्स (विभिन्न निग्रहों/विषयों पर) के आरंभिक प्रकाशन लॉन्च किए हैं। आप ई-जर्नल्स निम्नलिखित यू.आर.एल. पर पढ़ सकते हैं: http://aanjaneyapublications.com/publications.faces जिन सौभाग्यशाली लोगों ने ६ मई २०१० के दिन श्रीहरिगुरुग्राम में

नित्य अनिरुद्ध पूर्णीमा ! (Nitya Aniruddha Pournima)

ll हरिॐ ll   शनिवार १ दिसम्बर २०१२ के दिन हम श्रीहरिगुरुग्राम में अनिरुद्ध पूर्णीमा मनाएंगे । यह दिन हर बापूभक्त के लिए एक विशेष उल्हासभरा होता है । यह दिन हमारे बापूजी का जनमदिन है और श्रद्धावनों के लिए, उन पर प्रेम की खातिर, हमारे बापू सारा दिन अपने श्रद्धावान मित्रों के लिए व्यतीत करते हैं । जो कुछ मंगल है, शुभ है, जो प्रत्येक श्रद्धावान की उन्नति हेतु और उद्धार हेतु आवश्यक है वह सब इस दिन श्रद्धावनों के

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ll हरि ॐ ll श्री साईसच्चूरित में कई भक्तों की बातें आती हैं जिसकी वजह से भक्तों की श्रद्धा दृढ होती जाती है और सदगुरुचरणों में भक्ति भी दृढ होने लगती है । सदगुरु श्री अनिरुद्ध बापूजी के भक्तों को ऐसे कई अनुभव हुए हैं । कई अनुभव विशेषांक में छपे हैं और कई अनुभव कृपासिंधु में भी छपते रहते हैं । इसके अलावा यह अनुभव अपने “अनिरुद्ध बापू वीडियोस” यूट्यूब चैनल

कल दशहरा था। बापूजी खुद श्रीहरिगुरुग्राम में पधारे और सभी श्रद्धावानों को बापूजी के दर्शनों का लाभ मिला।  संपन्न हुए दशहरे के पावन पर्व की मेरे सभी मित्रों को शुभकामनाएं देते हुए मैं सदगुरु बापूजी के चरणों में यही प्रार्थना करता हूँ कि प्रत्येक श्रद्धावान का सदगुरु चरणों में “विश्वास” दृढ हो।  इस आश्विन नवरात्रि में हम सब ने कई घटनाएं देखीं। इस नवरात्रि के पहले दिन, अर्थात प्रतिपदा के दिन प्रभात समय श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम में