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‘जेएनयू’ के आदिवासी छात्रों की प्रतिक्रिया

‘जेएनयू’ में महिषासुर का समर्थन करनेवाले संगठन और उनके प्रतिनिधि ‘हम ग़रीबों का, पिछड़ीं जातियों-जनजातियों का प्रतिनिधित्व करते हैं’ ऐसा दावा करते रहते हैं। लेकिन उसमें अंशमात्र भी सच्चाई नहीं है, यह स्पष्ट हो चुका है। ‘महिषासुर शहादत दिन’ के कार्यक्रम का पोस्टर देखकर ग़ुस्सा हुए ‘जेएनयू’ के आदिवासी छात्रों ने उसपर सख़्त ऐतराज़ जताया। आदिवासी छात्रों ने इस कार्यक्रम के विरोध में प्रकाशित किये पत्रक की शुरुआत ही –

कर्जो का महासागर

कर्ज न चुकाने के कारण आम आदमी को बहोतसी तकलीफें उठानी पडती है। कर्ज चाहे कितनाही छोटा या बडा हो, सामान्य किसान अकाल के कारण उसका बोझ उठा नहीं पाता। कभी कबार एक लाख के कर्जे के लिए किसानोंको पाच-दस लाखकी जमीन गिरवी रखनी पडती है और अगर वह किसान उस कर्जे की किश्तीया नहीं भर पाया तो उसकी जमीन जप्त हो जाती है। इस कर्जे के कारण कई किसानोंको खुदकुशी करनी पडी

यू टयुब - भाग २

यू-टयुब चॅनेल्स : १) यू-टयुब चॅनेल्स यानि क्या? बहुत सारे लोग यू-टयुब पर व्हिडिओज् सतत अपलोड (upload) करते रहते हैं। अपलोड करना यानी किसी व्हिडिओ को कॉम्प्युटर से यू-टयुब पर डालना। यू-टयुब का घोष वाक्य ही ‘Broadcast Yourself’ इस प्रकार है। अर्थात हम अपने व्हिडिओज् इस यू-टयुब की सहायता से पूरी दुनिया में प्रसारित कर सकते हैं। यू-टयुब पर अपना खुदका चॅनल बनाना कोई बड़ी बात नहीं। कोई भी सामान्य

मृत्यु पर विजय

आज के दौर में दुनिया भर में घटित हो रहीं घटनाओं को देखकर आम आदमी का मानवता पर का विश्वास ही उठने लगता है। हिंसा, ख़ुदगर्ज़ी, दांभिकता, मक़्क़ारी, झूठापन ये अवगुण ही मानो इस कलियुग में दुनिया का उसूल बन रहे हैं। जो इन्सान नेकी से जीने की कोशिश करते हैं, उन्हें दक़ियानुसी क़रार दिया जाता है। जहाँ देखो, वहाँ निराशाजनक दृष्य ही दिखायी देता है। ऐसी निराश परिस्थिति में

Kolhapur Medical and Healthcare Camp 2016 – 3

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कोल्हापूर ज़िले के विविध गावोंमें मेडिकल एवं हेल्थकेअर कॅम्प का आयोजन किया गया था। इस कॅम्प ९०,००० स्क्वे. फि. के का क्षेत्रफल में फैला हुआ था। इस कॅम्प की हमेशा ही इन गावोंमें प्रतिक्षा की जाती है। इस सारे इलाके मे कुल ८५ गावो के लगभग ६०,००० गाववासीयों को यह कॅम्प समग्र स्वास्थ्य सेवा दिलाता है। वैद्यकीय एवं आरोग्यसेवा की अनेक शाखाएं, जैसे;

श्री अनिरुध्द गुरूक्षेत्रम्‌ में हुआ श्री सुंदरकांड पठण

जैसा कि बापू ने प्रवचनों के द्वारा बार बार बताया है, विश्व की अत्यधिक सुंदर चीज़ है ‘सुंदरकांड’! ऐसे इस सुंदरकांड का पठण श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में दि. १० जनवरी से लेकर दि. १८ जनवरी, इस कालावधि में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ प्रसन्न वातावरण में संपन्न हुआ। इन ९ दिनों में २४ पुरोहितों के द्वारा अलग अलग धुनों में किये गए इस पठण का आस्वाद कई श्रद्धावानों ने लिया। संपूर्ण

यू टयुब - भाग १

आज के समय में ‘गुगुल’ के बाद ‘यू-टयुब’ यह दुनिया में दूसरे क्रमांक का सर्च इंजन हैं। एक महीने में एक अरब से भी अधिक लोग यू-टयुब इस वेबसाईट के साथ संपर्क रखते हैं। महीने भर में साधारण तौर पर देखा जाए तो छ: अरब घंटों के विविध विषय और क्षेत्र के अन्तर्गत आनेवाले व्हिडिओ यू-टयुब पर देखे जाते हैं। उसी प्रकार हर मिनिट पर लगभग सौं घंटों के व्हिडिओ

युक्रेन का विस्फोट - भाग २

मगर ’सोविएत रशिया’ से स्वतंत्र हुए युक्रेन को रशिया के प्रभाव से निकालने की जरुरत ही क्यों थी? इसका उत्तर ढूंढने के लिए फिरसे थोडा पीछे जाना पडेगा। सन १९९७ में अमेरिका के एक प्रभावशाली राजनीतिक माने जानेवाले जिबिग्नोव ब्रिजेन्स्की की एक किताब प्रसिद्ध हुई। किताब का नाम था, ’द ग्रैंड चेसबोर्ड: अमेरिकन प्रायमसी ऐण्ड इट्स जिओस्ट्रैटेजिक इम्पेरेटिवज्’, इस किताब में उन्होंने ‘युरेशिया’(युरोप व रशिया) को शतरंज की बिसात कहकर,

ShreeVishnusahasranaam Path At Shree Aniruddha Gurukeshtram

गुरुवार, दि. ४ फ़रवरी २०१६ से लेकर शनिवार, दि. ६ फ़रवरी २०१६ तक श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम् में ‘विष्णुसहस्रनाम स्तोत्र पाठ’ संपन्न हुआ। इस उत्सव में २३ पुरोहितों की उपस्थिति में जब श्रीविष्णुसहस्रनाम स्तोत्र पाठ चल रहा था, तब पूजनस्थल पर शाळीग्राम पर अभिषेक किये गये। साथ ही, इस हर एक दिन के पाठ का समारोप होते समय, अंतिम आवर्तन के दौरान; पहले दिन तुलसीपत्र से, दूसरे दिन गुलाबपुष्पों से और तीसरे

Sundarkand Pathan at Shree Aniruddha Gurukshetram

बापू के प्रवचन के अनुसार २०१६ साल हमारे अध्यात्म और नित्य उपासना को हमारे जीवन में स्थिर करने के लिए है । इसिलिएही श्री अनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम में अलग अलग स्तोत्र / मंत्रों का पठण आयोजित किया जा रहा है। बापू कहते है की संत श्रीतुलसीदास विरचित श्रीरामचरितमानस का सुंदरकांड यह विश्व मे सबसे सुंदर है । यही सुंदरकांड का पठण ९ दिन २४ पूरोहितोद्‌वारा श्री अनिरुद्ध गुरुक्षेत्रममें हालही में संपन्न

युक्रेन का विस्फोट - भाग १

’युक्रेन की समस्या की वजह से तीसरा विश्वयुद्ध भडक सकता है।’ – लिओनाईड क्रैवचुक, युक्रेन के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता एवं देश के पहले राष्ट्रपति पहले और दूसरे विश्वयुद्ध के कारणों पर गौर करें तो क्रैवचुक की बात खोखली नहीं लगती। विश्वयुद्ध हो या विश्व में लंबे अरसे तक चलनेवाले अनेक संघर्ष; इनमें से अधिकतम की शुरुआत कुछ विचित्र तथा उस संघर्ष से सीधे संबंध रखनेवाली घंटनाओं से नहीं

ग्रो विथ द फेसबुक पेज

एक लडकी ने घरेलु कपडे सिलने का व्यवसाय शुरु किया। उसे पैसोंकी काफी आवश्यकता होने के कारण वह दिन-रात घर पर ही टलरिंग का काम किया करती थी। परन्तु तब तक उसे केवल उसके एरिया के ही काम मिला करते थे। जो पर्याप्त नहीं थे। उसे अपने काम का विस्तार करना था। परन्तु उसके लिये विज्ञापन देने की आवश्यकता थी। किन्तु उसके पास विज्ञापन देने के लिए आवश्यक धन नहीं

सप्तचक्र उपासना - अधिक सुलभतासे कैसे करे?

[dropcap]गु[/dropcap]रुवार, दि. १५ अक्तूबर २०१५ को परमपूज्य सद्‌गुरु बापू ने “श्रीशब्दध्यानयोग” यह, श्रद्धावानों का अभ्युदय (सर्वांगीण विकास) करानेवाली सप्तचक्रों की उपासना श्रीहरिगुरुग्राम में शुरू की। उसके बाद, इस उपासना की जानकारी देनेवाली पुस्तिका भी संस्था की ओर से श्रद्धावानों के लिए उपलब्ध करायी गयी। पुस्तिका में दी गयी जानकारी के अनुसार, श्रद्धावान पुस्तिका में दी गयीं चक्रों की प्रतिमाओं की ओर देखते हुए उस संबंधित चक्र का गायत्री मंत्र और

सिक्युअर्ड फेसबुक

पिछले लेखो में हमने यह जाना कि फेसबुक का उपयोग कैसे किया जाता है| परन्तु उपयोग के साथ-साथ फेसबुक अकाऊंट को किस तरह संभाले और इसकी मूलभूत दक्षता कैसे लें, यह जानना भी उतना ही आवश्यक है| इस लेख में हम फेसबुक अकाऊंट की सेटिंग्स् और उसकी मूलभूत दक्षता के बारे में जानकारी प्राप्त करने वाले हैं| फेसबुक अकाऊंट की सेटिंग्स्: सर्व प्रथम हम यह जानकारी लेगें की फेसबुक अकाऊंट

विश्व को थर्रानेवाली ‘ आयएस ’ - भाग 3

यह जस्मिन रिवोल्यूशन या अरब स्प्रिंग देखते ही देखते ट्युनिशिया से इजिप्त, लिबीया, सिरिया इन देशों में तूफान की तरह फैल गया। हालांकि यह बहुत ही भिन्न विषय है, मगर ट्युनिशिया, इजिप्त और लिबिया इन देशों में कई दशकों से जनता को पैरोंतले रौंदनेवाले हुकूमशाहों की सल्तनत इस आंदोलन की वजह से और उसके बाद खूनी संघर्ष की वजह से पलट गई। सीरिया में अस्साद सल्तनत के विरोध में जारी