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श्रीहरिगुरुग्राम येथे सद्‌गुरु बापूंचे आगमन व दर्शन

हरि ॐ, सर्व श्रद्धावानांना सूचित करण्यात येत आहे की सद्‌गुरु बापू आज श्रीहरिगुरुग्राम येथे उपासनेनंतर दर्शनाच्या वेळेस येतील. सभी श्रद्धावानों को यह सूचित किया जाता है कि सद्‌गुरु बापू आज श्रीहरिगुरुग्राम में उपासना के बाद दर्शन के समय आयेंगे।   ॥ हरि ॐ ॥ ॥ श्रीराम ॥ ॥ अंबज्ञ ॥

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – विश्व का अद्वितीय संगठन” इस रमेशभाई मेहता द्वारा लिखित एवं लोटस पब्लिकेशन्स प्रा. लि. द्वारा प्रकाशित पुस्तक का प्रकाशन समारोह कल दि. २९ अप्रैल २०१७ को दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह में संपन्न हुआ। यह पुस्तक एक ही समय मराठी, हिंदी, गुजराती तथा अँग्रेज़ी इन ४ भाषाओं में प्रकाशित की गयी। इस पुस्तक का प्रकाशन मा. राज्यपाल (उत्तरप्रदेश) राम नाईकजी, ज्येष्ठ संसद सदस्य तथा एस्सेल ग्रुप के अध्यक्ष

श्रीचण्डिका एक्झाल्टेशन आर्मी के प्रशिक्षण की नई बॅच

हरि ॐ. गुरुवार, दि. १७ मार्च २०१७ को सद्‍गुरु अनिरुद्ध बापू ने पितृवचन के बाद एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण सूचना की। इस सूचना में, ‘रामराज्य’ संकल्पना का एक अंग रहनेवाली ‘श्रीचण्डिका एक्झाल्टेशन आर्मी’ के प्रशिक्षण वर्ग की दूसरी बॅच जल्द ही शुरू की जायेगी, ऐसा बापू ने घोषित किया। अगले गुरुवार, यानी दि. २३ मार्च २०१७ को, इस प्रशिक्षण वर्ग के प्रवेश के लिए आवश्यक फॉर्म्स, श्रीहरिगुरुग्राम में एक काउंटर पर

श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच - हिन्दी अर्थ

॥हरि: ॐ ॥   ॥श्री पंचमुख-हनुमत्-कवच ॥   (मूल संस्कृत और हिन्दी अर्थ)   ॥अथ श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचम् ॥   श्रीगणेशाय नम:| ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:| गायत्री छंद:| पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता| ह्रीम् बीजम्| श्रीम् शक्ति:| क्रौम् कीलकम्| क्रूम् कवचम्| क्रैम् अस्त्राय फट् | इति दिग्बन्ध:|  इस स्तोत्र के ऋषि ब्रह्मा हैं, छंद गायत्री है, देवता पंचमुख-विराट-हनुमानजी हैं, ह्रीम् बीज है, श्रीम् शक्ति है, क्रौम् कीलक है, क्रूम् कवच है और ‘क्रैम् अस्त्राय फट्’

साईनिवास

साईभक्तों के दिल में श्री साईसत्‌चरित इस ग्रंथ के प्रति बहुत ही आत्मीयता होती है। कई श्रद्धावान इस अपौरुषेय ग्रंथ का नियमित रूप से पारायण करते हैं। इस ग्रंथ का लेखन जिस वास्तु में किया गया, वह वास्तु अर्थात् श्री साईसत्‌चरितकार श्री. गोविंद रघुनाथ दाभोलकरजी (हेमाडपंत) का बांद्रा स्थित निवासस्थान – साईनिवास । श्रीसाईसत्‌चरित के ४०वें अध्याय में हम, सन १९१७ में श्री साईनाथजी की तसवीर के साईनिवास में हुए

कोल्हापुर मेडिकल अँड रिहॅबिलिटेशन कँप २०१७ की तैयारी

गत १३ साल से लगातार आयोजित किये जा रहे कोल्हापूर मेडिकल अँड रिहॅबिलिटेशन कँप के सन २०१७ के सत्र की शुरुआत होने जा रही है। पूरे १० एकर की व्याप्ति रहनेवाले इस कँप के लिए मनुष्य़बल भी उतने ही प्रमाण में लगता है। इस भक्तिमय निष्काम सेवा के लिए जगहों जगहों से, इस साल सेवा करने का अवसर प्राप्त हुए कार्यकर्ता शिविर के लिए निकले हैं। मुंबई से २२ बसेस

भारतवर्ष_aniruddha bapu_Bharatwarsha

  डॉ. अनिरुद्ध जोशी (अनिरुद्ध बापू ) के द्वारा आज के दैनिक प्रत्यक्ष में किया गया आवाहन मुझे भारत के किसी भी राजकीय पक्ष में या किसी भी प्रकार के राजकीय कार्य में रत्ती भर भी दिलचस्पी नहीं है। राजनेताओं से मुझे कुछ भी लेने की इच्छा नहीं है और उन्हें देने जैसा भी मेरे पास कुछ भी नहीं है। परंतु मेरी प्रिय मातृभूमि का हित अथवा अनहित इनके बारे

bapu

॥ हरि ॐ॥ ॥ श्रीअनिरुद्धांची षष्ठ्यब्दिपूर्ति॥ परमपूज्य बापूंच्या प्रत्येक श्रद्धावान भक्ताच्या जीवनात ‘अनिरुद्ध पौर्णिमे’चे महत्त्व अनन्यसाधारण आहे. प्रत्येक अनिरुद्ध पौर्णिमा तेवढीच महत्त्वाची. यंदाही बापूंचे श्रद्धावान भक्त ‘अनिरुद्ध पौर्णिमा’ साजरी करणार आहेत. तिथीनुसार ‘अनिरुद्ध पौर्णिमा’ सोमवार दि. १४-११-२०१६ रोजी असली, तरी आपण मात्र प्रथेप्रमाणे ती शनिवार दि. १९-११-२०१६ रोजी ‘श्रीहरिगुरुग्राम’ येथे साजरी करणार आहोत. आपण सर्वांनी बापूंच्या पन्नासाव्या वाढदिवशी ‘श्रीअनिरुद्ध सुवर्णजयंती महोत्सव’ साजरा केला. आपल्यातील अनेकजणांनी त्यात सहभागी होऊन त्या सोहळ्याचा

Thursday-Upasana-Shree-Harigurugram

हरि ॐ, आज दि २२/०९/२०१६ रोजी श्रीहरिगुरूग्राम येथे होणारी नित्य उपासना, पितृवचन इत्यादी काहीही होणार नाही याची सर्व श्रध्दावानांनी नोंद घ्यावी म्हणजेच श्रीहरिगुरूग्राम येथे आज कुठलाच कार्यक्रम होणार नाही. 22/09/2016, 16:34 – Samirdada: आज दि २२/०९/२०१६ के दिन श्रीहरिगुरूग्राम में होनेवाली नित्य उपासना, पितृवचन आदि उपासनाएॅं नहीं होंगी । इस बात पर सभी श्रध्दावान गौर करें । यानी श्रीहरिगुरूग्राम में आज कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा ।   ॥ हरि

वेबसाईट की विशेषताएं- भाग ४

फोटो गॅलरी वेबसाईट को और आकर्षक बनाने के लिये हम इस में फोटोज् अ‍ॅड कर सकते है। इसके लिये हम एक और पेज अ‍ॅड करेंगे। लेकीन इस पेज का अलगपन कायम रखने के लिये इस पर सिर्फ फोटोज् होना जरूरी है। पेज पर फोटोज् अपलोड करने के लिये बांई ओ की सेटिंग पॅनल के ‘गॅलरी’ ऑप्शन को ‘ड्रॅग अ‍ॅण्ड ड्रॉप’ से पेज पर लाये। इसके बाद पहले की तरह इमेजेस

वेबसाईट बनाने की जानकारी - भाग ३

टेम्प्लेट मतलब रेडिमेड डिझाईन्स. वेबसाईट का पेहराव….‘लूक ऍण्ड फिल’। रेडी टू युज। इस में पेज के डिझाईन तथा रंगसंयोजन, फॉन्ट इत्यादी अनेक चीज़ें पहले ही निश्चित की गई है। इस वजह से हमारा पेज डिझाईनिंग का समय बच जाता है। वैसे ही जिन्हें पेज डिझाईन करना मुश्किल लगता है उनके लिए ये टेम्पलेटस् तो किसी वरदान कम नही। टेम्प्लेट सिलेक्ट करके ‘चूझ’ बटन पर क्लिक करें। टेम्पलेट दिखाने से पहले

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२. डोमेन (Domain) हर एक प्रांत की अलग पहचान कायम रखने के लिए, उस प्रदेश अथवा स्थान को एक नाम दिया जाता है। मतलब वह नाम उस जगह की पहचान बन जाता है। उस नाम से उसी स्थान की साधारण कल्पना सामान्य मानव कर सकता है। उसीप्रकार से विविध प्रकार के वेबसाईट की पहचान होने के लिए उनका विभाजन किया गया है। उन्हें विशेष प्रकार से नाम दिये गये है। हम

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‘‘इंटरनेट मॉम्स की तो बात ही कुछ और है’’…..यह पंक्तियाँ हमे टिव्हीपर आनेवाली एक अ‍ॅडव्हर्टाईजमेंट मे बार बार सुनने को मिलती हैं। इसमें माँ अपने बेटे को पढा रही है। बच्चा समझता है कि मेरे subject के बारे मे मॉम को क्या पता होगा! पर उस ‘स्मार्ट मॉम’ ने इंटरनेट के जरिये पहले से ही जानकारी ले रखी थी। जब बच्चे को यह बात समझती है, तो उसके चेहेरे का

ShriMahadurgeshwarPrappatti-Cover 1

Aarti to be done during Shree Mahadurgeshwar Prapatti (click below to download the audio) श्रीमहादुर्गेश्‍वर प्रपत्ती मध्ये करण्याची आरती (ऑडियो डाऊनलोड करण्यासाठी पुढील लिंक वर क्लिक करा) श्रीमहादुर्गेश्‍वर प्रपत्ति के समय करने वाली आरती (ऑडियो डाऊनलोड करने के लिए दी गई लिंक पर क्लिक करें) URL – http://www.aniruddhafriend-samirsinh.com/downloads/

ऑनलाईन प्रिकॉशन्स – भाग ३

ऑनलाइन सर्फिंग हम हमारी जरूरतों के अनुसार तो कभी हमारी इच्छानुसार पसंदीदा वेब पेजेस् देखते हैं, पढ़ते है। एक पेजसे दूसरे पेज पर जाते रहते है, इसे ही सिंपल भाषा में सर्फिंग कहा जाता है। इस समय वायरस या हॅकिंग जैसी चीजों का धोका, खतरा अधिक होता है। इसके लिए एंण्टी-वायरस सॉफ्टवेअर जैसे अन्य कुछ चीजों पर ध्यान देना आवश्यक है। एक नई वेबसाइट पर जाने के बाद किसी भी