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आतंकवादी संगठन 'आयएस' के हमलें और गतिविधियां बढ़ी

अमरिका, यूरोप में दावानल शुरू करें – ‘आयएस’ ने समर्थकों को उकसाया वॉशिंगटन: ‘पश्‍चिमी देशों को दर्द देना है तो अमरिका, फ्रान्स, ब्रिटेन और जर्मनी में जंगल में आग लगा दो| इससे शुरू होनेवाले दावानल का दर्द वह बर्दाश्त नही होगा’, यह कहकर ‘आयएस’ ने अमरिका और यूरोप के अपने समर्थकों को उकसाया है| अमरिका के कैलिफोर्निया के जंगलों में दावानल भडकने से पहले ‘आयएस’ ने यह आदेश दिए थे| ‘अल कायदा’, ‘आयएस’, ‘तालिबान’ एवं दुनिया भर के आतंकी संगठनों

मणिपुर चक्र और प्राणाग्नि - भाग ३

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘मणिपुर चक्र और प्राणाग्नि (Manipur Chakra And Pranagni) ’ इस बारे में बताया।   मणिपूर चक्र का इतना इमंपॉरटन्स हमारे लाईफ में है, इसीलिये रामनाम ये हमेशा क्या बताया गया है भारत में, ये सर्वश्रेष्ठ नाम है। इसके लिये कुछ शक्ति की आवश्यकता नहीं, किसी शुद्धी की नहीं। ज्ञानेश्वर महाराज ने क्या बताया हैं? मैं बार-बार बताता हूँ वो

‘रं’ बीज और मणिपुर चक्र

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘रं’ बीज और मणिपुर चक्र (Ram beej is the beej of Guru-Mantra and Manipur Chakra)’ इस बारे में बताया।   ‘गुरुरेव परब्रह्म, गुरुरेव आत्मा’, हमारा आत्मा भी क्या है? गुरु की दी हुई भेंट है हमें, गुरु की यानी सद्‍गुरुतत्व की दी हुई भेट है हमें। हमारा जीवात्मा जो उन्नत होता रहता है, वो भी किसकी कृपा से? सिर्फ

Alpha to Omega Newsletter – October 2019

  October 2019 From the Editor’s Desk Hari Om Friend, In the last month, we witnessed and participated in the celebration of Ganeshotsav at Shree Aniruddha Gurukshetram. It is a golden opportunity for every Shraddhavan to be able to visit the house of Sadguru Shree Aniruddha on the occasion of Ganapati Utsav. Moreover, the volunteers of Aniruddha’s Academy of Disaster Management also carried out the crowd management seva on a

गुरुमंत्र का बीज ‘रं’ बीज ही है

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘गुरुक्षेत्रम् मंत्र का बीज ‘रं’ बीज ही है(Ram beej is the beej of Guru-Mantra)’ इस बारे में बताया।   तो ये शृंगीप्रकाश और भृंगीप्रकाश। पहले उनका नाम क्या था, महर्षि शृंगी, महर्षि भृंगी। बाद में नाम क्या था? शृंगीनाथ, भृंगीनाथ। बाद में नाम क्या हो गया? शृंगीप्रकाश, भृंगीप्रकाश। अभी नाम क्या हो रहा है? शृंगीप्रसाद, भृंगीप्रसाद। ये जो शृंगीप्रसाद,

रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए - ०२

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘रामनाम बही का कम से कम एक पन्ना प्रतिदिन लिखिए’ (Write at least one page of Ramnaam book daily – 02) इस बारे में बताया।   स्वाधिष्ठान चक्र क्या देता है? फाऊंडेशन फ़ॉर्म करता है। फाऊंडेशन यानी हिंदी में क्या कहेंगे? पाया मराठी में कहते हैं, हिंदी में? नींव रखते हैं, नींव। तो मूलाधार चक्र हर चीज की नींव

अनिरुद्ध पूर्णिमा २०१९ में अधिकृत दर्जा प्राप्त हुए केंद्रों के नाम

हरि ॐ हर साल अनिरुद्ध पूर्णिमा के पश्चात् आयोजित किये जानेवाले पादुका प्रदान समारोह में, नये से अधिकृत घोषित हुए अनिरुद्ध उपासना केंद्रों को सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धजी की पादुकाएँ प्रदान की जाती हैं। इस वर्ष, यानी सन २०१९ में जिन अनिरुद्ध उपासना केंद्रों को अधिकृत दर्जा प्राप्त हुआ है, उनके नाम इस प्रकार हैं –

अंतरिक्ष और विज्ञान से जुडी रोचक खबरें

लर्कर्स परग्रहवासी पृथ्वी पर नजर रखकर है – शोधकर्ता बेनफोर्ड का दावा वॉशिंगटन – ‘‘लर्कर्स’ परग्रहवासी अंतरिक्ष से पृथ्वीपर नजर रखकर है’, यह इशारा नामांकित शोधकर्ता जेम्स बेनफोर्ड ने दिया है| ‘द एस्ट्रॉनॉमिकल जर्नल’ में प्रसिद्ध हुए अपने प्रबंध के जरिए बेनफोर्ड ने यह सनसनीखेज दावा किया| ‘पृथ्वी से करीब होनेवाले उल्का एवं लघुग्रहों का इस्तेमाल अपने ठिकाने के तौर पर करके यह ‘लर्कर्स’ पृथ्वी पर काफी बारीकी से नजर

मणिपुर चक्र और रामनाम बही (Manipur Chakra And Ramnaam Book)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘मणिपुर चक्र और रामनाम बही (Manipur Chakra And Ramnaam Book)’ इस बारे में बताया।   ये मणिपुर चक्र जो है, ये इन्सान के लिये, मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मणिपुर चक्र, ये बहोत, बहोत, बहोत आवश्यक हैं, इनकी उपासना होनी चाहिए। इसका मतलब ये नहीं की अनाहत चक्र, विशुद्ध चक्र और आज्ञा चक्र कुछ काम के नहीं, हैं ही काम

Shree Matruvatsalya Vindanam available in English

Hari Om, ‘Shree Matruvatsalya Vindanam’ will now also be available in English from the first day of the coming Navratri. The granth will be available at Shree Aniruddha Gurukshetram and Shree Harigurugram (on Upasana Day). It can also be ordered online for home delivery using the website www.e-aanjaneya.com. Kindle version will also be made available at earliest. | Hari Om | Shriram | Ambadnya | | Naathsanvidh |