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आश्विन नवरात्रि उत्सव (अशुभनाशिनी नवरात्रि उत्सव) के संदर्भ में सूचना

हरि ॐ, कोरोना वायरस, “कोविद – १९” की व्यापकता का अंदाज़ा सभी श्रद्धावानों को है ही। आज के इस दौर में श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ बंद होकर, आनेवाली आश्विन नवरात्रि में भी वह बंद ही रहेगा और नवरात्रि का कोई भी कार्यक्रम गुरुक्षेत्रम्‌ में नहीं होगा, इसपर कृपया सभी श्रद्धावान ग़ौर करें। इस पृष्ठभूमि पर, सद्‍गुरु बापुजी के कहेनुसार, श्रद्धावान इस साल आश्विन नवरात्रि उत्सव (अशुभनाशिनी नवरात्रि उत्सव) में “अंबज्ञ इष्टिका पूजन”

जीवन में अनुशासन का महत्त्व - भाग ४

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०७ अक्टूबर २०१० के पितृवचनम् में ‘जीवन में अनुशासन का महत्त्व’ इस बारे में बताया। ये गुरु के जो चरण हैं, सद्‍गुरु के, इनको जब हम हमारे हृदय में, दिलो-दिमाग में बिठाते हैं, तो भी ये चरण अपने आप हमें डिसीप्लीन सिखाते हैं। तो ये भी हमें जानना हैं कि गुरु के चरणों से हमारी जिंदगी में डिसीप्लीन कैसे आती है। यानी देखिये, ये गुरु के

Chanting of Hanuman Chalisa

A very joyful news for all Shraddhavans. Every year, the weeklong chanting (pathan) of Shree Hanuman Chalisa is held at Shree Aniruddha Gurukshetram. This year, Online pathan will be held from Monday, 21st September 2020 to Sunday, 27th September 2020. Keeping in mind the multiple constraints being faced this year due to the pandemic situation, it is not possible to have the pathan at Aniruddha Gurukshetram, therefore, it has been

जीवन में अनुशासन का महत्त्व - भाग ३

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०७ अक्टूबर २०१० के पितृवचनम् में ‘जीवन में अनुशासन का महत्त्व’ इस बारे में बताया। सो अनुशासन जब माँ-बाप को होता है, तभी बच्चों में आता है। बोधवचनी बाबा बनने से कुछ नहीं होता है। बच्चों को बड़ा बड़ा उपदेश हम लोग करते हैं, भाई, अच्छा बर्ताव करो, ऐसा करो, वैसा करो, खुद कुछ नहीं करते। अगर मैं मेरे माँ-बाप की इज्जत नहीं कर रहा हूँ

Gulf-Region-Activities

सौदी के बाद बहरीन ने भी इस्रायल के लिए हवाई क्षेत्र खुला किया मनामा – ‘संयुक्त अरब अमीरात’ (यूएई) के लिए उड़ान भरनेवाले इस्रायली विमानों के लिए अपनी हवाई सीमा खुली करने का ऐलान बहरीन ने भी किया है। इसकी वजह से इस्रायल और यूएई की हवाई दूरी कम होने का संतोष दोनों देश व्यक्त कर रहे हैं। दो दिन पहले ही सौदी अरब ने इस्रायली विमानों के लिए अपना

जीवन में अनुशासन का महत्त्व - भाग २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०७ अक्टूबर २०१० के पितृवचनम् में ‘जीवन में अनुशासन का महत्त्व’ इस बारे में बताया। सो, डिसीप्लीन जो है, जो अनुशासन है, हमारे जिंदगी में हर पल के लिए आवश्यक है। लेकिन ये अनुशासन, डिसीप्लिन अपने जीवन में रखने के लिए हमें बहोत सारी ताकद चाहिए। दूसरे को अनुशासन सिखाना है, अपने हाथ के नीचे जो काम कर रहे हैं, अपने अंडर जो काम कर रहे

India China Standoff

India and Russia start ‘Indra Navy 2020’ Exercises Kolkata: – India and Russia have started the ‘Indra Navy 2020’ exercises. The war exercises are being held in the Bay of Bengal with the participation of both Indian and Russian navies and the significance of the exercises increase further, against the background of the escalating tension on the Chinese border. Read More: http://www.newscast-pratyaksha.com/english/india-and-russia-start-indra-navy-2020-exercises/ Morale of Indian Army very high, says Army

Indian-Economy

‘लोन मोराटोरियम’ दो वर्ष तक बढ़ाने के केंद्र सरकार के संकेत नवी दिल्ली – कोरोना वायरस के संकट की वजह से केंद्र सरकार ने कर्ज़े की किश्‍त का भुगतान छह महीनों के लिए ना भरने (लोन मोराटोरियम) की सहुलियत प्रदान की थी। यह सहुलियत दो वर्ष तक बढ़ाना संभव होगा, ऐसी जानकारी केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के सामने रखी है। इस मामले में बुधवार के दिन सर्वोच्च न्यायालय में

जीवन में अनुशासन का महत्त्व - भाग १

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ०७ अक्टूबर २०१० के पितृवचनम् में ‘जीवन में अनुशासन का महत्त्व’ इस बारे में बताया। डिसिप्लीन यानी अनुशासन, संयम और उत्साह। यहाँ हेमाडपंतजी बता रहे हैं कि ये गुरुचरण ही सचमुच पायसम्‌ का स्त्रोत है। यानी सौम्य-स्निग्ध गुरुत्व का स्त्रोत है। यानी डिसिप्लीन यानी अनुशासन, संयम और उत्साह का मूलस्रोत क्या है? सद्‌गुरु के चरण। सद्‌गुरु के चरणों के स्पर्श से, उनके चरणों के ध्यान से,

China

हंबंटोटा बंदरगाह चीन को देकर श्रीलंका ने गलती की – श्रीलंका के विदेश सचिव ने किया कबूल कोलंबो – श्रीलंका ने हंबंटोटा बंदरगाह चीन को देकर काफी बड़ी गलती की है, यह बात श्रीलंका के विदेश सचिव जयनाथ कोंलबेज ने स्वीकारी है। लेकिन, इसके आगे श्रीलंका की विदेश नीति भारत केंद्रित रहेगी, यह भरोसा भी विदेश सचिव कोंलबेज ने दिया। साथ ही भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बने ऐसी