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Aniruddha Gurukshetram

हरि ॐ, सभी श्रद्धावान यह जानते ही हैं कि कोरोना (कोविद-१९) की पृष्ठभूमि पर फिलहाल श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ दर्शन के लिए बंद रखा गया है। अन्य दिनों की तरह ही आषाढी एकादशी (बुधवार, दि. १ जुलाई २०२०) एवं गुरुपूर्णिमा (रविवार, दि. ५ जुलाई २०२०) इन दो दिनों को भी श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ बंद ही रहनेवाला है। अतः इन दिनों पर श्रद्धावान श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में दर्शन के लिए ना आयें, यह नम्र विनती

Instagram-Image

Hari Om, I am glad to inform you that we have started Instagram handle of Aniruddha Devotion Sentience website. The front page of the site quotes Bapu saying, “To remain in Devotion Sentience is indeed the one supreme and ultimate purpose of life.” The handle will help Shraddhavans to realise this saying as its an extension to connect with the Aniruddha Devotion Sentience website and to our beloved, the Supreme

Indian Economy

वैश्‍विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत अहम स्थान हासिल करेगा – इस्रो प्रमुख के. सिवन ने जताया विश्‍वास नई दिल्ली – भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के दरवाज़ें निजी क्षेत्र के लिए खोलने के निर्णय का भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था (इस्रो) के प्रमुख के.सिवन ने स्वागत किया है। इस निर्णय की वज़ह से भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी प्रगति होगी। इससे निजी कंपनियों को राकेट और उपग्रह का निर्माण करने की अनुमति प्राप्त

सद्‍गुरु महिमा - भाग ३

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने १५ अप्रैल २०१० के पितृवचनम् में ‘सद्‍गुरु महिमा’ इस बारे में बताया।   जब भी चान्स मिले उसकी फोटो है, वो प्रत्यक्ष रूप में है या मूर्ती रूप में है, तब उसके चरणों पर जब हम मस्तक रखते हैं, उसकी चरणधूलि में जो हम हमारा मस्तक रखते हैं। हेमाडपंतजी की पहली भेंट कैसी है? हेमाडपंत उनके (साईनाथजी) चरणों को स्पर्श नहीं कर सके, साईबाबा रास्ते से जा

china-india-attack

International community supports India against cowardly Chinese attack New Delhi/Washington: US Secretary of State, Mike Pompeo, retorted that China is a ‘Rascal country’ trying to grab Indian territory. Russia, Japan, Germany, France and Australia also expressed grief over the killing of Indian soldiers and clarified their stand. 20 Indian soldiers were martyred in a cowardly attack, in the act of betrayal, by the Chinese soldiers, on Monday night. Many Chinese

सद्‍गुरु महिमा - भाग २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने १५ अप्रैल २०१० के पितृवचनम् में ‘सद्‍गुरु महिमा’ इस बारे में बताया।   ‘करावे मस्तके अभिवंदन’, इसका मतलब हेमापंतजी बता रहे हैं हमें कि एक बार गुरु के चरणों पर मस्तक रख दिया तो पूरी जिंदगी भर हमें इस भावना से रहना चाहिये कि मेरा मस्तक ये जो मेरे शरीर पर है, मेरे गर्दन पर है, ये ऍकच्युअली कहां है? दिखने में तो ऐसा स्ट्रेट है। मैं

Pakistan Terrorism

Angry Baloch protestors chase away Pakistani soldiers Islamabad/Mumbai: – Pakistani soldiers trying to build a post in one of the provinces of Balochistan had to face the wrath of the Baloch people. Seeing the vehemence of the Baloch people, the Pakistan soldiers had to run away from the place. Video of the incidence has been published. The Pakistan military had crossed its limits, in terms of atrocities against the Baloch

सद्‍गुरु महिमा-भाग १ , Sadguru Mahima-Part 1

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्धने १५ अप्रैल २०१० के पितृवचनम् में ‘सद्‍गुरु महिमा’ इस बारे में बताया।   साईनाथजी की महिमा हेमाडपंत लिख रहे हैं, हम लोग देख रहे हैं। हेमाडपंतजी ने हमें सद्‍गुरु क्या था, क्या होता है, कैसे होता है यह खुद की आँखों से देखा था, महसूस किया था और पूरी तरह से जान लिया था और सिर्फ जाना नहीं बल्कि जानने के साथ-साथ खुद को निछावर कर दिया

रामाचा आत्मा, significance of life

सद्गुरू श्री श्रीअनिरुद्धांनी त्यांच्या ०८ एप्रिल २०१० च्या मराठी प्रवचनात ‘गुरुक्षेत्रम् मन्त्राचे श्रद्धावानाच्या जीवनातील महत्त्व’ याबाबत सांगितले.    त्यानंतर येतो अंकुरमंत्र, एकदा हा ‘विच्चे’ सकट असणारा मंत्र आमचा ध्वजा घेऊन पुढे निघाला. ह्या बाकीच्या बाधाप्रशमनं, पापप्रशमनं, कोपप्रशमनं, सर्वसमर्थं सर्वार्थसमर्थं, त्रिविक्रमनिलयं ही तीन पावलं आम्हाला कळली की त्याच्यानंतर येतो तो अंकुरतत्त्व. इथे आम्हाला ओळख पटवून दिलेली आहे. दत्तात्रेय कोण? रामाचा आत्मा, सिम्पल. आम्हाला ह्याच्यामधून एकदा हे तीन मंत्र आम्हाला नीट कळले

गुरुक्षेत्रम् मन्त्राचे श्रद्धावानाच्या जीवनातील महत्त्व - भाग १२

सद्गुरू श्री श्रीअनिरुद्धांनी त्यांच्या ०८ एप्रिल २०१० च्या मराठी प्रवचनात ‘गुरुक्षेत्रम् मन्त्राचे श्रद्धावानाच्या जीवनातील महत्त्व’ याबाबत सांगितले.    जे जे काही करायचं, ते फक्त तीन पदक्षेपात करतो, तीन पावलांमध्ये करतो, तीन शब्दांमध्ये करतो, आलं लक्षामध्ये! म्हणून तो ‘‘त्रिविक्रम’ आहे आणि करतो म्हणजे यशस्वीपणे करतो, बेस्ट करतो. त्याच्या जागी दुसरं कोणीच असू शकत नाही म्हणून तो ‘त्रिविक्रम’ आहे आणि अशा ह्या त्रिविक्रमाच्या निलयामध्ये हा मंत्र आम्हाला नेतो आणि मग आम्हाला सांगितलं