Current Affairs

अमरिका और चीन में नये संघर्ष की संभावना

अमरिका का तैवान में ‘अनौपचारिक दूतावास’ शुरू – ‘अमरिकन इन्स्टिट्यूट ऑफ तैवान’ यानी दूतावास होने का दावा तैपेई: तैवान की राष्ट्राध्यक्षा ‘त्साई ईंग-वेन’ और अमरिका के वरीष्ठ अधिकारीयों की उपस्थिती में ‘अमरिकन इन्स्टिट्यूट ऑफ तैवान’ का राजधानी तैपेई में उद्घाटन हुआ| लेकिन यह अमरिका का सांस्कृतिक केंद्र होने का दावा किया जा रहा है, फिर भी वास्तविकता में यह अमरिका का दूतावास प्रतित हो रहा है| इस पर प्रतिक्रिया देते

Global Hybrid Warfare

Trade War: US to impose import tariffs on Canada, Mexico & the EU; EU & Canada vow to retaliate Washington/Paris/Ottawa: US President Donald Trump has decided to impose trade tariffs on its allies, Canada and Mexico as well, along with the European Union. On Thursday, the US Secretary of Commerce Wilbur Ross announced imposition of taxes on the imports of steel and aluminium from Canada and Mexico along with the

सीरिया

सीरिया में कहीं भी ईरान के खिलाफ हमले करेंगे – इस्राइली प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू की चेतावनी जेरुसलेम: सिर्फ गोलान पहाड़ियों के सीमा इलाके में ही नहीं, बल्कि सीरिया में जहाँ भी ईरान के लष्करी अड्डे होंगे वहां पर हमले करेंगे, ऐसी चेतावनी इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने दी है। इस्राइल के रक्षामंत्री एविग्दोर लिबरमन रशिया के दौरे पर जाने से पहले, प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने यह घोषणा करके ईरान के बारे

Strengthening of US, Israel, Saudi axis and problems for Iran and its allies

US attacks Syrian military base Damascus: The Syrian agencies have claimed that the United States had carried out an attack on a Syrian military base near the Iraqi border. Hezbollah also has claimed this to be an attack by the United States. However, the United States has not confirmed this report and the damages caused in the attack also have not been disclosed. Therefore, the plot around the attack seems

रशिया के आक्रमक तेवर

रशिया सीरिया में स्थित ईरानी सेना को इस्राइल की सीमा से दूर रखने की तैयारी में – इस्राइली अधिकारियों का दावा जेरुसलेम – इस्राइल की सीमा के भूभाग से ईरान के लष्कर और ईरान समर्थक समूहों को दूर रखने की रशिया ने तैयारी शुरू की है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस्राइल यहाँ पर भीषण हमले करता रहेगा और इससे सीरिया का संघर्ष अधिक तीव्र हो जाएगा ऐसी चिंता रशिया

ईरान के परमाणु समझौते से जुडी गतिविधियाँ

यूरोप चीन और रशिया ईरान को वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे – जर्मन अखबार का दावा बर्लिन – अमरिका ने जारी किए कठोर प्रतिबंधों से ईरान की रिहाई के लिए यूरोप चीन और रशिया ने ईरान को वित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रयत्न शुरू किये है। आनेवाले हफ्ते में व्हिएन्ना में होनेवाले बैठक में इस बारे में निर्णय लिया जाएगा ऐसा, दावा जर्मनी के एक अखबार ने किया है। अमरिका के

US Embassy

Gaza violence not linked to relocation of US embassy in Jerusalem – Nikki Haley, US ambassador to UN New York: ‘For the last many years, terrorist organisation Hamas has been inciting violence in the Gaza Strip. This violence had been going on even before the United States moved its embassy to Jerusalem. Therefore, the current violence in Gaza and the relocation of the US embassy cannot be linked. This violence

भारत की रक्षाविषयक सज्जता

मालदीव के सागरी क्षेत्र में भारत और मालदीव के नौदल की संयुक्त गश्ती माले: हिंद महासागर में मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्र में भारत और मालदीव के नौदल संयुक्त गश्ती करने वाले हैं पिछले कई वर्षों में मालदीव पर चीन का प्रभाव बढ़ा है। तथा ३ महीनों में मालदीव में इमरजेंसी के बाद यह देश चीन के पक्ष से अधिक झुकता दिखाई दे रहा है। इस पृष्ठभूमि पर दोनों देशों

Iran Israel

Iran will completely annihilate Israel in next 25 years, threatens Iranian military Chief Tehran: The Iranian military Chief threatened Israel by saying, ‘When egoistic countries provide strength to the likes of the Israeli government in order to survive, we should be careful not to allow such a sinister and illegitimate regime to continue even for a single day’. Iranian military Chief General Abdolrahim Mousavi also warned Israel and said that

Syria

रशिया की दो विनाशिकाएँ सीरिया के लिए रवाना मॉस्को/दमास्कस: सीरिया में अमरिका-ब्रिटन-फ़्रांस ने किए हमले को प्रत्युत्तर देने के लिए रशिया ने अपनी लष्करी गतिविधियों को तेज किया है। पिछले हफ्ते रशिया ने दो अतिरिक्त जंगी जहाज और और हथियारों का भंडार सीरिया में भेजने की खबर प्रसिद्ध हुई थी। उसके बाद फिरसे रशिया ने अपनी दो विनाशिकाओं को सीरिया की दिशा में भेजा है। इस नई गतिविधि की वजह