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स्वयंभगवान त्रिविक्रम मन्त्रगजर धुन

हरि ॐ, कुछ ग्रुप्स में स्वयंभगवान त्रिविक्रम का सार्वभौम मन्त्रगजर अलग धुन में पोस्ट किया गया है। इस मन्त्रगजर को अलग धुन में गाने में कोई आपत्ति नहीं है; परन्तु श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्, श्रीत्रिविक्रम मठ, श्रीहरिगुरुग्राम, अन्य सभी श्री अनिरुद्ध उपासना केन्द्र और संस्था के सभी धार्मिक कार्यक्रम इनमें यह मन्त्रगजर मूल (Original) धुन में ही लिया जायेगा, इस बात को सभी श्रद्धावान ध्यान में रखें। हरि ॐ, काही ग्रुप्समध्ये स्वयंभगवान

श्रीत्रिविक्रम भक्तिभाव चैतन्य का सहज, सुंदर और उत्स्फूर्त आविष्कार

स्वयंभगवान श्रीत्रिविक्रम के सार्वभौम मंत्रगजर के कारण हमारे मन में भक्तिभाव चैतन्य सहजता से प्रवाहित होता है। सद्गुरु श्रीअनिरुद्धजी ने हमें इस गजर के ताल पर डोलने के लिए कहा है। इस व्हिडियो में दिखायी देनेवाले इस बालक का सहज प्रतिसाद (Natural Reaction), यह उस मंत्रगजर के साथ डोलने का है। उसे डोलने के लिए कहा नहीं गया था। इसीसे यह स्पष्ट होता है कि बापू के कहेनुसार हर एक

Happy Home Ganeshotsav 2018

हरि ॐ, श्री गणेश पूजन और स्थापना का आमंत्रण हर साल की तरह इस साल भी सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धजी के घर श्रीगणेशजी का आगमन होगा। इस गणेशोत्सव में शामील होने का न्योता बापू परिवार की ओर से सब श्रद्धावानोंको गुरुवार दिनांक ०६ सितंबर २०१८ को श्रीहरिगुरुग्राम मे दिया गया है। दर्शन का समय – गुरुवार – १३ सितंबर २०१८ – सवेरे ११:०० बजे से रात ०९:०० बजे तक शुक्रवार – १४

पुणे एवं वडोदरा में त्रिविक्रम मठ की स्थापना

हरि ॐ, माँ जगदंबा तथा सद्गुरु श्रीअनिरुद्धजी के कृपाशिर्वाद से गुरुवार दिनांक ६ सितम्बर २०१८ को पुणे एवं वडोदरा में त्रिविक्रम मठ की स्थापना की गयी। स्थापना के समय की गयी प्रार्थना में, मंगलाचरण, श्रीगुरुक्षेत्रम् मंत्र, श्रीरामरक्षा स्तोत्र, श्रीआदिमाता शुभंकरा स्तवनम्, त्रिविक्रम ध्यानमंत्र एवं त्रिविक्रम स्तोत्र, त्रिविक्रम के १८ वचन और त्रिविक्रम का सार्वभौम मंत्रगजर किया गया। उसके पश्चात् उपस्थित श्रद्धावानों ने ‘अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य’ को अनुभव करते हुए विभिन्न

त्रिविक्रम मठ के लिए दी गई वस्तुओंकी तस्वीरें

माता जगदंबा और सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्ध के कृपाशीर्वाद से, आज श्रावणी सोमवार के मंगल दिन, यानी दिनांक ३ सितम्बर २०१८ को, पुणे तथा वडोदरा में स्थापित होनेवाले त्रिविक्रम मठों के लिए शंख, ताम्हन, पीतांबर, तीर्थपात्र एवं तसवीरें श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम्‌ में प्रदान की गयीं। अत्यंत भक्तिमय, प्रसन्न और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में, संस्था के महाधर्मवर्मन डॉ. योगींद्रसिंह तथा डॉ. विशाखावीरा जोशी के हाथों, ये आध्यात्मिक चीज़ें त्रिविक्रम मठ के लिए श्रद्धावानों को सुपुर्द

महादुर्गेश्वर प्रपत्तीसंबंधित माहिती

महादुर्गेश्वर प्रपत्तीच्या मांडणीमध्ये प्रपत्ती करणारे पुरुष श्रद्धावान चौरंगावर श्रीचण्डिकाकुलाची तसबीर  ठेवून त्या तसबिरीसमोर श्रीत्रिविक्रमाची तसबीर अथवा मूर्ती ठेवतात. अनेक श्रद्धावानांकडून प्रपत्तीसंबंधात एक विचारणा झाली होती की महादुर्गेश्वर प्रपत्तीत श्री महादुर्गेश्वराची तसबीर किंवा मूर्ती कुठे दिसत नाही. सद्गुरु श्री अनिरुद्धांनी श्रीचण्डिकाकुल तसबिरीच्या उद्घाटनाच्या वेळी, तसेच सद्गुरुंच्या श्रीस्वस्तिक्षेम तपश्चर्येच्या वेळी याविषयी मार्गदर्शन केले होते. सद्गुरुंनी दिलेली माहिती पुढीलप्रमाणे आहे- ‘श्रीचण्डिकाकुलाच्या तसबिरीत श्रीहनुमन्तापुढे विराजमान असणारे ‘शिवलिंग’ हे हनुमन्ताचे ‘आत्मलिंग’ अर्थात् श्रीमहादुर्गेश्वरच आहे.’ सद्गुरुंच्या

महादुर्गेश्वर प्रपत्तिसंबंधित जानकारी

महादुर्गेश्वर प्रपत्ति की रचना में प्रपत्ति करने वाले पुरुष श्रद्धावान चौकी पर श्रीचण्डिकाकुल की तसवीर रखकर उस तसवीर के सामने श्रीत्रिविक्रम की तसवीर अथवा मूर्ति रखते हैं। अनेक श्रद्धावानों से प्रपत्ति के संदर्भ में एक प्रश्न पूछा गया कि महादुर्गेश्वर प्रपत्ति में श्री महादुर्गेश्वर की तसवीर या मूर्ति कहीं पर दिखायी नहीं देती। सद्गुरु श्री अनिरुद्ध ने श्रीचण्डिकाकुल तसवीर के उद्घाटन के समय, तथा सद्गुरु की श्रीस्वस्तिक्षेम तपश्चर्या के समय

online raamnaam aap

‘Online / Digital Ramnaam Book’ Exactly thirteen years ago, in August 2005, Sadguru Shree Aniruddha (Param Poojya Bapu) had launched Aniruddha’s Universal Bank of Ramnaam.  A unique bank established to bring happiness and peace to the lives of Shraddhavans and to help them strengthen themselves to challenge their problems and change their destiny, has come up with a unique gift.  Aniruddha’s Universal Bank of Ramnaam is happy to inform all

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ठीक तेरह साल पहले अगस्त २००५ में, सद्गुरु श्रीअनिरुद्ध (परमपूज्य बापू) ने “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम” का शुभारंभ किया। श्रद्धावानों को प्रारब्ध से लड़ने की ताकत प्राप्त होकर, जीवन की समस्याओं को मात देने के लिए सहायता मिलें और उनके जीवन में सुखशांति क़ायम हों, इस हेतु से स्थापन हुआ यह अनोखा बँक अब श्रद्धावानों के लिए एक बेहतरीन उपहार लेकर आया है और वह है – ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम

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बरोबर तेरा वर्षांपूर्वी ऑगस्ट २००५ मध्ये, सद्गुरु श्रीअनिरुद्धांनी (परमपूज्य बापू) “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम”चा शुभारंभ केला. श्रद्धावानांना प्रारब्धाशी लढण्याची ताकद मिळून, जीवनातील समस्यांवर मात करण्यास मदत व्हावी व त्यांच्या जीवनात सुखशांती नांदावी ह्या हेतूने स्थापन झालेली ही आगळीवेगळी बँक आता श्रद्धावानांकरिता एक अनोखी भेट घेऊन आली आहे. ती म्हणजे –  ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही’! ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही’चा शुभारंभ करताना “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम”ला अतिशय आनंद होत आहे. हे ऍन्ड्रॉईड

स्वयंभगवान त्रिविक्रम के अठारह वचन

कल गुरुवार २ अगस्त २०१८ के दिन श्रीहरिगुरुग्राम में बापू ने, अत्यधिक महत्त्वपूर्ण ‘स्वयंभगवान त्रिविक्रम के अठारह वचनों’ के बारे में बताया। हम इन वचनों का लाभ गुरुवार १६/०८/२०१८ को बापू के साथ ले पायेंगे। इसी के साथ बापू ने ‘स्वयंभगवान त्रिविक्रम’ का गजर शारण्य तथा आनंद भाव से कैसे करना है इसके बारे मे भी बताया है। इसकी वीड़ियो क्लिप मैं blog तथा WhatsApp और YouTube पर अपलोड़ कर

सद्गुरु गायत्री मन्त्र के एक शब्द में किया गया बदलाव

श्रद्धावानों की सुविधा के लिए, साथ की ऊपरोक्त सूचना में उल्लेखित बदलाव किये गये सद्गुरु गायत्री मन्त्र का ५ बार पाठ की गयी ऑडिओ फाइल यहॉ पर दे रहा हूँ। – समीरसिंह दत्तोपाध्ये १५ जून २०१८

Aniruddha-Bapu-Aniruddha-Chalisa-pathan

हरि ॐ, मुंबई व परिसरात येत्या तीन चार दिवसांत हवामानखात्याने दिलेल्या अतिवृष्टीच्या इशार्‍यानुसार, श्रद्धावानांची गैरसोय होवू नये म्हणून शनिवार, दि. ०९ जून २०१८ रोजी श्रीहरिगुरुग्राम येथे श्रीअनिरुद्ध चलिसा पठणाचा पूर्वनियोजित कार्यक्रम होणार नाही, ह्याची सर्व श्रद्धावानांनी नोंद घ्यावी. ह्या कार्यक्रमाची नवीन तारीख जशी ठरेल, तशी त्याबद्दलची सूचना श्रद्धावानांना कळविण्यात येईल. हरि ॐ, मुंबई एवं परिसर में अगले तीन चार दिनों में अतिवृष्टि संबंधित मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के अनुसार,