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दसरा विजयोपासनेसंबंधी सूचना

हरी ॐ, यावर्षी दसरा मंगळवार दि. ०८.१०.२०१९ रोजी आहे. दरवर्षी दसऱ्याच्या दिवशी श्रीहरिगुरुग्राम येथे विजयोपासना घेण्यात येते. पण यावर्षी पासून दसऱ्याची विजयोपासना ही जवळच्या गुरुवारी घेण्यात येणार आहे. यानुसार यावर्षी दसऱ्याची विजयोपासना गुरुवार दि. १०.१०.२०१९ रोजी संध्याकाळी ७.३० वा. श्रीहरिगुरुग्राम येथे घेण्यात येईल याची कृपया श्रद्धावानांनानी नोंद घ्यावी. सुनिलसिंह मंत्री मुख्य कार्यकारी अधिकारी

गूँज उठी पिपासा - भाग १ संबंधी सूचना

हरि ॐ, सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धजी पर रची हुईं नयीं हिन्दी भक्तिरचनाओं के संग्रह का पहला भाग “गूँज उठी पिपासा – भाग १”, आज आश्विन (अशुभनाशिनी) नवरात्रि की घटस्थापना के पावन पर्व पर “अनिरुद्ध भजन म्युझिक“ ॲप पर श्रद्धावानों के लिए उपलब्ध हुआ है। इसीके साथ, हम “अनिरुद्ध भजन म्युझिक” ॲप पर “प्रिमीयम प्लॅन” भी लाँच कर रहे हैं। इस प्रिमीयम प्लॅन में हमें “गूँज उठी पिपासा” के साथ साथ आगे प्रकाशित होनेवाले अल्बम्स

गूँज उठी पिपासा - भाग १ प्रकाशन

हरि ॐ, श्रद्धावानों को भक्तिभाव चैतन्य में आकंठ डूबानेवाले “पिपासा ३” एवं “पिपासा ४” ये अभंगसंग्रह इस साल प्रकाशित हुए। सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धजी पर के प्रेमरस से ओतप्रोत भरी ये अभंगरचनाएँ, ३१ दिसम्बर २०१९ के “अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य“ इस महासत्संग की आतुरता से प्रतीक्षा करनेवाले श्रद्धावानों के मन की पिपासा को अधिक से अधिक बढ़ाती ही जा रहीं हैं। ये सभी अभंगरचनाएँ यानी इस महासत्संग की उत्कंठा को बढ़ाने वाला मानो

Shree Matruvatsalya Vindanam available in English

Hari Om, ‘Shree Matruvatsalya Vindanam’ will now also be available in English from the first day of the coming Navratri. The granth will be available at Shree Aniruddha Gurukshetram and Shree Harigurugram (on Upasana Day). It can also be ordered online for home delivery using the website www.e-aanjaneya.com. Kindle version will also be made available at earliest. | Hari Om | Shriram | Ambadnya | | Naathsanvidh |

Ashwin-Navaratri

हरि ॐ, यावर्षी शुभंकरा नवरात्रोत्सव दि. २९.०९.२०१९ पासून सुरु होणार आहे. अनेक श्रद्धावान आपल्या घरी सद्‍गुरु श्रीअनिरुद्धांनी सांगितल्याप्रमाणे अंबज्ञ इष्टिका पूजन करतात. यामध्ये श्रद्धावान नित्य पूजनामध्ये अंबज्ञ इष्टिकेला म्हणजेच मोठ्या आईला चुनरी अर्पण करतात. अंबज्ञ इष्टिका पुनर्मिलापच्या दिवशी या चुनरीसुद्धा पुनर्मिलाप करण्यात येतात. काही उपासना केंद्रांकडून, ह्या पूजनामध्ये दररोज अंबज्ञ इष्टिकेस अर्पण होणार्‍या चुनर्‍यांचे, उत्सव संपन्न झाल्यावर एकत्र विसर्जन करणे प्रशासनाच्या नियमांनुसार अडचणीचे ठरत आहे त्यामुळे चुनरीऐवजी मोठ्या आईला ब्लाऊज

दत्तयाग की पवित्र उदी संबंधी सूचना

हरि ॐ, श्रद्धावान यह जानते ही होंगे कि सद्गुरु श्रीअनिरुद्ध बापू के घर हर वर्ष, साल में दो बार तीन-दिवसीय दत्तयाग का आयोजन किया जाता है। इस साल, यानी २०१९ में दि. ०४ जुलाई से ०६ जुलाई २०१९ के बीच पहला दत्तयाग संपन्न हुआ। तथा दूसरा दत्तयाग दि. १८ जुलाई से २० जुलाई २०१९ के बीच संपन्न होगा। इन दोनों दत्तयागों की पवित्र उदी सभी श्रद्धावानों को ‘माथे पर लगाने

Aniruddha Bhaktibhav Chaitanya

हरि ॐ, ‘अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य’ समारोह के प्रोमोज्‌ जब से हर गुरुवार को श्रीहरिगुरुग्राम में तथा सोशल मीडिया पर दिखाए जाने लगे हैं, तब से सभी श्रद्धावानों में इस समारोह के प्रति उत्साह बढता जा रहा है। इस समारोह के रजिस्ट्रेशन के लिए श्रद्धावानों का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिल रहा है और प्रत्येक श्रद्धावान बेसब्री से इस समारोह की प्रतीक्षा कर रहा है। जिन श्रद्धावानों ने इस समारोह के लिए रजिस्ट्रेशन

​भूमाता को प्रणाम करते समय की प्रार्थना

हरि ॐ दिनांक २७ जून २०१९ के गुरुवार के पितृवचन में सद्‌गुरु श्रीअनिरुद्ध बापु ने, भूमाता को प्रणाम करने का महत्त्व हम सबको बताया। ”यह भूमाता विष्णुजी की शक्ति है ऐसी हमारी धारणा है, यह हमारी संस्कृति है। सुबह जाग जाने पर ज़मीन पर कदम रखने से पहले भूमाता को प्रणाम करने से, दिन की शुरुआत मंगलमयी तथा पवित्रता से, अंबज्ञता से भरी होती है।” ऐसा बापु ने कहा। भूमाता

Aniruddha Bhaktibhav Chaitanya

  हरि ॐ, २६ मई २०१३ को हम सबने एक अद्‍भुत एवं सुखद प्रेमयात्रा को अनुभव किया, वह प्रेमयात्रा थी ’न्हाऊ तुझिया प्रेमे’। सद्‌गुरु श्रीअनिरुद्ध के प्रेम में, इस भक्तिभाव चैतन्य में नहाना क्या होता है, इसका प्रत्यक्ष एवं परिपूर्ण अनुभव इस दिन श्रद्धावानों ने किया। आज इस प्रेमयात्रा के ६ वर्ष पूरे हो रहे हैं और हम सब श्रद्धावान ३१ दिसंबर २०१९ को हो रहे ’अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य’ इस

charakha shibir

हरि ॐ, दिनांक १३ मे ते १९ मे २०१९ या काळात श्रीअनिरुद्ध गुरुक्षेत्रम् येथे दरवर्षीप्रमाणे श्रीहनुमान चलिसा पठण संपन्न झाले. या पठण काळात दररोज श्रीहनुमान चलिसेची १२३-१२५ आवर्तने झाली. याच काळात साईनिवास येथे चरखा शिबीरही संपन्न झाले. ’चरखा वस्त्र’ योजने अंतर्गत तयार झालेल्या सुतापासून दरवर्षी ’कोल्हापूर वैद्यकीय व आरोग्य शिबीरात’ हजारो मुलांना शाळेचे गणवेश विनामुल्य पुरविले जातात. त्याचप्रमाणे विरार व पाली येथे होणाऱ्या वैद्यकिय शिबीरामध्येही गणवेश वाटप करण्यात येते. यासाठीच