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भक्तमाता पंकजा श्रीलक्ष्मी (Bhaktamata Pankaja ShreeLakshmi) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 25 March 2004

भक्तमाता पंकजा श्रीलक्ष्मी कमल में विराजमान हैं । कमल यह कीचड में से ऊपर उठकर हमेशा ऊर्ध्व दिशा में आगे बढता रहता है । इसी तरह  कुमार्ग को त्यागकर सन्मार्ग पर आगे बढनेवाले के जीवन में भक्तमाता पंकजा श्रीलक्ष्मी प्रकट होती हैं । भक्तमाता पंकजा श्रीलक्ष्मी  के बारे में परम पूज्य सद्‌गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने २५ मार्च २००४ के प्रवचन में बताया, जो आप इस व्हिडियो में देख सकते हैं |

॥ हरि ॐ ॥ ॥ श्रीराम ॥ ॥ अंबज्ञ ॥

One comment

  1. Beloved Bapu has explained very well the difference between ‘pank’ and ‘pankaja’. Real wealth or ‘aishwarya’ comes from ‘pankaja’ although it appears to come from ‘pank’ and there is a world of a difference between the two. Ambadnya to Bapu

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