विचारशृंखला की शुरुआत – भाग १ (Beginning of the Thought Process – Part 1) – Aniruddha Bapu Hindi Discourse 18 Sep 2014

विचारशृंखला की शुरुआत|

कोई भी व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि उसके मन में पहला विचार कब आया था। गर्भस्थ शिशु अवस्था से ही मानव के मन में विचार आते रहते हैं यानी माँ की कोख से जन्म लेने से पहले भी गर्भस्थ शिशु अवस्था में भी मानव सोचता रहता है। विचारों की इस शृंखला के बारे में परम पूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने अपने १८ सितंबर २०१४ के प्रवचन में मार्गदर्शन किया, जो आप इस व्हिडियो में देख सकते हैं l

॥ हरि ॐ ॥ ॥ श्रीराम ॥ ॥ अंबज्ञ ॥

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