Samirsinh Dattopadhye

तुलना से न्यूनगंड का निर्माण होता है - भाग २ (Comparison Leads To Inferiority Complex - Part 2) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

तुलना से न्यूनगंड का निर्माण होता है – भाग २ (Comparison Leads To Inferiority Complex Part – 2) मानव अपनी तुलना अपने परदे के पीचे के किरदार की तुलना अन्य व्यक्तियों के परदे पर के किरदार के साथ करते हैं। स्वाभाविक रूप में, इस तुलना में अन्य व्यक्तियों के परदे पर का किरदार हमारे वास्तविक जीवन के किरदार को हरा देता है। कोई भी मानव परिपूर्ण नहीं होता, यह ध्यान

परिपूर्णता यह भ्रम है (Perfection Is An Illusion) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 25 Dec 2014

परिपूर्णता यह भ्रम है (Perfection Is An Illusion) यदि किसी अपने के साथ झगडा होता है, तब भी ‘वह मेरा अपना है’ इस बात को भूलना नहीं चाहिए। खून का रिश्ता हो या मन का, हर रिश्ते की बुनियाद प्यार की होनी चाहिए। परिवार के दो सदस्यों के बीच मतभेद हो भी जाते हैं, तब भी वे एकदूसरे के शत्रु नहीं बन जाते। इस वर्ष हमें प्रेम बढाते समय इस

सकारात्मक विचारों पर अपना ध्यान केन्द्रित करें (Focus On Positive Thoughts) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 04 Dec 2014

सकारात्मक विचारों पर अपना ध्यान केन्द्रित करें (Focus On Positive Thoughts) जो नहीं करना है प्राय: उसपर मानव अपना ध्यान केन्द्रित करता रहता है। जो करना चाहिए उसपर मन केन्द्रित करने के बजाय जो नहीं करना है उसपर मानव अपना ध्यान केन्द्रित करता रहता है। जिस बात पर आप अपना मन केन्द्रित (फोकस) करते हो वही बात आपके जीवन में जडें मजबूत करती है। इसलिए मानव को चाहिए कि वह

Consciously Correct

‘कॉन्शसली करेक्ट’ और ‘अन्कॉन्शसली करेक्ट’ (Consciously Correct And Unconsciously Correct) सुधार की प्रक्रिया जीवन में घटित करने के लिए मानव को मन को अनुशासन में रखना पडता है। ‘कॉन्शसली इन्करेक्ट’(Consciously Incorrect) इस स्थिति से ‘कॉन्शसली करेक्ट’(Consciously correct) इस स्थिति तक मानव को जाना चाहिए। हर एक बात को ‘कॉन्शसली करेक्ट’ करने का अभ्यास निरंतर करते रहनेवाला मानव धीरे धीरे अपने आप ‘अन्कॉन्शसली करेक्ट’(Unconsciously correct) इस स्थिति तक पहुंच जाता है।

कॉन्शसली इन्करेक्ट (Consciously Incorrect) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 04 Dec 2014

कॉन्शसली इन्करेक्ट (Consciously Incorrect) मानव को स्वयं में सुधार करने का प्रयास करते रहना चाहिए। अभानावस्था में गलती (अनकॉन्शसली इन्करेक्ट) इस स्थिति से उभरकर मानव को चाहिए कि वह उससे क्या गलत हो रहा है यह जानकर, गलती का स्वीकार कर ‘कॉन्शसली इन्करेक्ट’ (Consciously Incorrect) इस स्थिति तक प्रगति करें। मानव के हाथों हो रही गलती का और उसमें सुधार करना आवश्यक है इस बात का मानव को एहसास होना

अभानावस्था में गलती (अनकॉन्शसली इन्करेक्ट) (Unconsciously Incorrect) - Aniruddha Bapu‬ Hindi‬ Discourse 04 Dec 2014

अभानावस्था में गलती (अनकॉन्शसली इन्करेक्ट) (Unconsciously Incorrect) मानव के जीवन में किसी भी बीमारी (disease) का, संकट का, अनुचितता का निर्माण होने की पहली स्थिति है- अभानावस्था में गलती (अनकॉन्शसली इन्करेक्ट / Unconsciously Incorrect) । मानव से जब गलती हो रही होती है और ‘वह गलती कर रहा है’ इस बात का उसे एहसास तक नहीं होता, तब उसकी उस स्थिति को कहते हैं- अभानावस्था में गलती (अनकॉन्शसली इन्करेक्ट /

मॉडर्न कॉलेज, पुणे येथे अनिरुद्ध बापूंचे व्याख्यान (Aniruddha Bapus speech modern college Pune)

दिनांक ३१ मे २०१५ रोजी प्रोग्रेसिव्ह एज्युकेशन सोसायटी, शिवाजी नगर, पुणे येथील विश्वस्थ मंडळातर्फे ८२व्या वर्षात प्रदार्पणाचे औचिंत्य साधून विविध कार्यक्रमांचे आयोजेन करण्यात आले आहे. त्या कार्यक्रमाबरोबरच आपल्या परमपूज्य बापूंना (अनिरुद्धसिंहना) व्याख्यानासाठी येण्याबाबत आमंत्रित करण्यात आले. आपल्या लाडक्या बापूंनी ते आमंत्रण प्रेमाने स्वीकारले आणि ते तेथे आयोजित केलेल्या कार्यक्रमामध्ये सहभागी होणार आहेत. बापूंचे हे व्याख्यान मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्टस(Modern College, Pune), सायन्स एण्ड कॉमर्स, मॉडर्न कॉलेज रोड, शिवाजी नगर, पुणे

प्रगटदिनाची भेट ​(Pragatdinachi bhet)

प्रगटदिनाची भेट ​(Pragatdinachi bhet) श्रीश्र्वासम्‌ (Shreeshwasam) उत्सवाच्या आठवणी अजूनही आपल्या मनात ताज्याच आहेत. अजूनही त्या उत्सवात मोठ्या आईच्या व बापूंच्या कृपेने अनुभवण्यास मिळालेल्या अनेक सुंदर आणि पवित्र गोष्टी मनात घर करून आहेत. हे सर्व परत अनुभवायला मिळावं असे अनेक श्रद्धावानांनी सांगितले. ज्या श्रद्धावानांना काही कारणास्तव ह्या उत्सवाला येता आले नाही, त्यांना तर ह्या गोष्टीची अपार खंतच आहे. अर्थात सद्गुरुंना त्यांची काळजी आहेच. म्हणूनच ह्या श्रीश्र्वासम् उत्सवातील अनेक सुंदर व पवित्र

गुह्यसूक्तम् आणि हीलिंग (The Guhyasuktam And The Healing) - Aniruddha Bapu‬ ‪Marathi‬ Discourse 21 May 2015

गुह्यसूक्तम् आणि हीलिंग (The Guhyasuktam And The Healing) श्रीश्वासम् उत्सवाचा आनन्द मी स्वत: घेतला आणि तुम्हालाही तो आनन्द घेताना मी पहात होतो. सर्वांचाच या उत्सवात भावपूर्ण सहभाग होता. श्रीश्वासम् गुह्यसूक्तम् ऐकताना प्रत्येक जण तल्लीन होत होता. हे गुह्यसूक्तम् तुम्ही जेवढ्या प्रेमाने शान्तपणे बसून ऐकाल, तेव्हा त्याचा सर्वाधिक उपयोग होईल. ‘गुह्यसूक्तम्’चा अधिकाधिक लाभ आणि त्याद्वारे होणारे हीलिंग यासंबंधी मार्गदर्शन सद्गुरु श्रीअनिरुद्धांनी त्यांच्या २१ मे २०१५ रोजीच्या प्रवचनात जे सांगितले, ते आपण

‘न्हाऊ तुझिया प्रेमे’ च्या सुखद आठवणी (Great Memories-Nahu tuziya preme)

Great Memories-Nahu tuziya preme आज २६ मे, प्रकर्षाने आठवण येते ती नारद जयंतीला झालेल्या ‘न्हाऊ तुझिया प्रेमे’ या कार्यक्रमाची. आज ‘न्हाऊ तुझिया प्रेमे’ कार्यक्रमाला २ वर्षे पुर्ण झाली. ‘न्हाऊ तुझिया प्रेमे’ कार्यक्रम म्हटला म्हणजे प्रथम डोळ्यासमोर येते ते म्हणजे ‘बापूंचा’ आपल्या लाडक्या बाळांसाठी प्रेमाने ओथंबलेला आणि मोठ्या स्क्रिनवर दिसणारा चेहरा. सर्व श्रद्धावान त्या स्क्रिनवर दिसणारा, आपल्या लाडक्या बापूंचा चेहरा पाहून फिदाच झाले. अर्थात तो चेहरा अजुनही सर्वाच्या स्मृतितही असणारच. शिवाय