Samirsinh Dattopadhye

महादुर्गेश्वर प्रपत्तीसंबंधित माहिती

महादुर्गेश्वर प्रपत्तीच्या मांडणीमध्ये प्रपत्ती करणारे पुरुष श्रद्धावान चौरंगावर श्रीचण्डिकाकुलाची तसबीर  ठेवून त्या तसबिरीसमोर श्रीत्रिविक्रमाची तसबीर अथवा मूर्ती ठेवतात. अनेक श्रद्धावानांकडून प्रपत्तीसंबंधात एक विचारणा झाली होती की महादुर्गेश्वर प्रपत्तीत श्री महादुर्गेश्वराची तसबीर किंवा मूर्ती कुठे दिसत नाही. सद्गुरु श्री अनिरुद्धांनी श्रीचण्डिकाकुल तसबिरीच्या उद्घाटनाच्या वेळी, तसेच सद्गुरुंच्या श्रीस्वस्तिक्षेम तपश्चर्येच्या वेळी याविषयी मार्गदर्शन केले होते. सद्गुरुंनी दिलेली माहिती पुढीलप्रमाणे आहे- ‘श्रीचण्डिकाकुलाच्या तसबिरीत श्रीहनुमन्तापुढे विराजमान असणारे ‘शिवलिंग’ हे हनुमन्ताचे ‘आत्मलिंग’ अर्थात् श्रीमहादुर्गेश्वरच आहे.’ सद्गुरुंच्या

महादुर्गेश्वर प्रपत्तिसंबंधित जानकारी

महादुर्गेश्वर प्रपत्ति की रचना में प्रपत्ति करने वाले पुरुष श्रद्धावान चौकी पर श्रीचण्डिकाकुल की तसवीर रखकर उस तसवीर के सामने श्रीत्रिविक्रम की तसवीर अथवा मूर्ति रखते हैं। अनेक श्रद्धावानों से प्रपत्ति के संदर्भ में एक प्रश्न पूछा गया कि महादुर्गेश्वर प्रपत्ति में श्री महादुर्गेश्वर की तसवीर या मूर्ति कहीं पर दिखायी नहीं देती। सद्गुरु श्री अनिरुद्ध ने श्रीचण्डिकाकुल तसवीर के उद्घाटन के समय, तथा सद्गुरु की श्रीस्वस्तिक्षेम तपश्चर्या के समय

online raamnaam aap

‘Online / Digital Ramnaam Book’ Exactly thirteen years ago, in August 2005, Sadguru Shree Aniruddha (Param Poojya Bapu) had launched Aniruddha’s Universal Bank of Ramnaam.  A unique bank established to bring happiness and peace to the lives of Shraddhavans and to help them strengthen themselves to challenge their problems and change their destiny, has come up with a unique gift.  Aniruddha’s Universal Bank of Ramnaam is happy to inform all

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ठीक तेरह साल पहले अगस्त २००५ में, सद्गुरु श्रीअनिरुद्ध (परमपूज्य बापू) ने “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम” का शुभारंभ किया। श्रद्धावानों को प्रारब्ध से लड़ने की ताकत प्राप्त होकर, जीवन की समस्याओं को मात देने के लिए सहायता मिलें और उनके जीवन में सुखशांति क़ायम हों, इस हेतु से स्थापन हुआ यह अनोखा बँक अब श्रद्धावानों के लिए एक बेहतरीन उपहार लेकर आया है और वह है – ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम

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बरोबर तेरा वर्षांपूर्वी ऑगस्ट २००५ मध्ये, सद्गुरु श्रीअनिरुद्धांनी (परमपूज्य बापू) “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम”चा शुभारंभ केला. श्रद्धावानांना प्रारब्धाशी लढण्याची ताकद मिळून, जीवनातील समस्यांवर मात करण्यास मदत व्हावी व त्यांच्या जीवनात सुखशांती नांदावी ह्या हेतूने स्थापन झालेली ही आगळीवेगळी बँक आता श्रद्धावानांकरिता एक अनोखी भेट घेऊन आली आहे. ती म्हणजे –  ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही’! ‘ऑनलाईन/डिजिटल रामनाम वही’चा शुभारंभ करताना “अनिरुद्धाज् युनिवर्सल बँक ऑफ रामनाम”ला अतिशय आनंद होत आहे. हे ऍन्ड्रॉईड

रशिया की आक्रामक नीति

रशिया ईरान को सीरिया से बाहर नहीं निकाल सकता – इस्राइल में स्थित रशिया के राजदूत का विधान तेल अवीव: ‘जिस तरह से सीरिया में स्थित ईरान के अड्डों पर इस्राइल की तरफ से हो रहे हमलों को रशिया रोक नहीं सकता। उसी तरह से रशिया ईरान को सीरिया से बाहर नहीं निकाल सकता’, ऐसी टिप्पणी इस्राइल में स्थित रशियन राजदूत ‘एंटोली व्हिक्टोरोव्ह’ ने की है। साथ ही सीरिया के

स्वयंभगवान त्रिविक्रम के अठारह वचन

कल गुरुवार २ अगस्त २०१८ के दिन श्रीहरिगुरुग्राम में बापू ने, अत्यधिक महत्त्वपूर्ण ‘स्वयंभगवान त्रिविक्रम के अठारह वचनों’ के बारे में बताया। हम इन वचनों का लाभ गुरुवार १६/०८/२०१८ को बापू के साथ ले पायेंगे। इसी के साथ बापू ने ‘स्वयंभगवान त्रिविक्रम’ का गजर शारण्य तथा आनंद भाव से कैसे करना है इसके बारे मे भी बताया है। इसकी वीड़ियो क्लिप मैं blog तथा WhatsApp और YouTube पर अपलोड़ कर

'अल्फा टू ओमेगा' न्युजलेटर - जुलाई २०१८

  ‘अल्फा टू ओमेगा’ न्युजलेटर – हिन्दी संस्करण   जुलाई २०१८ संपादकीय, हरि ॐ श्रद्धावान सिंह/वीरा मॉनसून का मौसम आ गया है और इस साल इसी मॉनसून के मौसम में फुटबॉल विश्व कप का आयोजन होने के कारण सभी की भावनाएँ खेल से जुड़ गईं हैं। जैसा कि देखने में आ रहा है लोग खुले मैदान में बारिश में खेलना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। वास्तव में बारिश में खेल

सारे भय ये मूलत: भ्रम हैं (All the fears are basically delusions)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने १५ मई २०१४ के पितृवचनम् में ‘सारे भय ये मूलत: भ्रम हैं’ इस बारे में बताया।   मैंने ये किया इसलिये भगवान ने ये किया, इस विश्वास पर अगर कभी जाओगे तो आप कहां जाओगे, गलत दिशा में जाओगे। डेव्हिल की दिशा में जाओगे, शैतान की दिशा में जाओगे। फिर वहां कारोबार ऐसे ही चलता है, लेनेदेन का। तुमने ये तंत्र मंत्र किया तो डेव्हिल

Alpha to Omega Newsletter - July 2018

  July 2018 From the Editor’s Desk Hari Om Friend, The monsoon season has arrived and so has the spirit of sports along with this year’s Football World Cup. As contrast as it may seem, rains bring out the urge in us to play sports in open grounds. In fact, sports are most enjoyed in the rains. Our mentor, Sadguru Shri Aniruddha Bapu has stressed upon the importance of playing

चीन का खतरा बढ रहा है

अफ्रीका महाद्वीप में लष्करी प्रभाव बढाने के लिए चीन की गतिविधियाँ बीजिंग – मंगलवार से बीजिंग में ‘चाइना अफ्रीका डिफेन्स एंड सिक्यूरिटी फोरम’ की बैठक शुरू हुई है। इस फोरम का आयोजन चीन के रक्षा विभाग ने किया है। पिछले दो दशकों में अफ्रीका में सिर्फ व्यापार और आर्थिक हितसंबंध बनाए रखने के लिए पहल करने वाले चीन ने अफ्रीका महाद्वीप की लष्करी और सुरक्षा विषयक नीतियों में खुलकर पहली

Shree Vanadurga Yojna

‘अल्फा टू ओमेगा’ न्युजलेटर – हिन्दी संस्करण जून २०१८ संपादकीय, हरि ॐ श्रद्धावान सिंह/वीरा, मानसून की अच्छी शुरुआत हमारे जीवन में ढेर सारी खुशियाँ लाती है, जबकि मानसून देर से आने से सभी लोग चिंतित हो जाते है। आइये, हम सब मिलकर प्रार्थना करें कि हमारे देश में इस मानसून में अच्छी बारिश हो। क्योंकि एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के कारण हमें कम वर्षा से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने

ध्येय गाठण्यासाठी शरीर सहाय्यक आहे. (The body helps us to achieve our goals)

सद्गुरू श्री अनिरुद्धांनी त्यांच्या १५ मे २०१४ च्या मराठी प्रवचनात ‘ध्येय गाठण्यासाठी शरीर सहाय्यक आहे’ याबाबत सांगितले. त्याचा जो समय आहे, जीवनकाळ आहे, देहाची अवस्था आहे, त्या अवस्थानुसार प्रत्येक माणसाची development झालीच पाहिजे. पटतेय? आणि हे कशाने होऊ शकतं? बुद्धीचा वापर कशासाठी तर जीवनातला समय नीटपणे वापरण्यासाठी. मग ह्याला मदत कोण करतं? शरीर. मी मनोमय देह म्हणत नाही आहे, प्राणमय देह म्हणत नाही आहे, हे जे दिसतं ना शरीर, ते

सद्गुरु गायत्री मन्त्र के एक शब्द में किया गया बदलाव

श्रद्धावानों की सुविधा के लिए, साथ की ऊपरोक्त सूचना में उल्लेखित बदलाव किये गये सद्गुरु गायत्री मन्त्र का ५ बार पाठ की गयी ऑडिओ फाइल यहॉ पर दे रहा हूँ। – समीरसिंह दत्तोपाध्ये १५ जून २०१८