Samirsinh Dattopadhye

Kolhapur Medical & Healthcare Camp 2020

      Camp Photos The Kolhapur Medical & Healthcare Camp, a brainchild of Dr. Aniruddha Dhairyadhar Joshi, M.D. (Medicine) is now in the 17th year. The camp for the year 2020 was held on 26th and 27th of January at Pendakhale village of Shahuwadi taluka in Kolhapur district of Maharashtra.  One may think of the camp to be just an annual two-day fanfare. Contrary to a general perception about medical camps, the Kolhapur Medical & Healthcare Camp

It was not His picture but Him!

– Anjali Sarpotdar, Dahisar  Once a devotee’s feet turn towards the Sadguru, one automatically begins to experience His presence. Then even if he/she has not physically seen the Sadguru, only a simple dialogue with His picture can help a devotee sail through troubled waters. And later on, one does not have to ask for the proof of His interventions. One continues to experience them as also His unconditional compassion.     I offer my respect

Aniruddha Bhaktibhav Chaitanya

डिसेंबर २०१९ संपादकीय हरि ॐ श्रद्धावान सिंह, वेळ हा चुटकी वाजवल्यासारखा क्षणात उडून जातो. आपण सर्वजण प्रत्यक्ष अनुभवणार असलेला अनिरुध्द भक्तिभाव चैतन्य हा महासत्संग सोहळा अगदी काही आठवड्यांवर येऊन ठेपला आहे. ह्या भव्य सोहळ्याची सर्व तयारी अत्यंत जोशात सुरु आहे. १८ नोव्हेंबर – म्हणजे आपल्या लाडक्या सदगुरु श्री अनिरुध्दांचा वाढदिवस! त्यामुळेच नोव्हेंबर महिना हा प्रत्येक श्रध्दावानासाठी अगदी विशेष महत्त्वाचा असतो. त्रिपुरारी पौर्णिमेच्या अत्यंत पवित्र दिवशी सद्गुरु श्री अनिरुध्दांचा जन्म झाला.

Aniruddha Bhaktibhav Chaitanya

December 2019 From the Editor’s Desk Hari Om Friend, Time flies in a snap! We are only a few weeks away from witnessing the mega satsang, ‘Aniruddha Bhaktibhav Chaitanya’. Preparations are ongoing for this grand event on a large scale. The month of November is peculiarly special for every Shraddhavan, as it is the month of the birthday of our dear Sadguru Shree Aniruddha, who was born on the pious

मणिपुर चक्र और प्राणाग्नि - भाग २

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘मणिपुर चक्र और प्राणाग्नि (Manipur Chakra And Pranagni – Part 2)’ इस बारे में बताया।   रात जो है, नींद जो है, वह भी एक मृत्यु ही है। वैसे ही दूसरे एक मृत्यु की, मृत्यु का प्रकार रहता है यानी कि देखिये हम लोग कुछ काम कर रहे हैं, वह कार्य पूर्ण हो गया, ओ.के। आपने समझो एक घर

मणिपुर चक्र और प्राणाग्नि   (Manipur Chakra And Pranagni)

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘मणिपुर चक्र और प्राणाग्नि (Manipur Chakra And Pranagni)’ इस बारे में बताया।   तो ये बात जान लीजिये और ये जो प्राणाग्नि हैं जो शांत हो जाता हैं यहां, वहीं प्राणाग्नि वहाँ चेतनामय हो जाता है। यानी एक आदमी श्रद्धावान यहां मृत हो गया तो उसके देह में जो प्राणाग्नि है वो शांत हो गया। जब ये लिंगदेह भर्गलोक

मणिपुर चक्र और यज्ञपुरुष महाविष्णु

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने २० अप्रैल २०१७ के प्रवचन में ‘मणिपुर चक्र और यज्ञपुरुष महाविष्णु (Manipur Chakra And Yagyapurusha Mahavishnu)’ इस बारे में बताया।   so, स्वाधिष्ठानचक्र का बीज था ‘ॐ वं’, अभी हम लोग देखनेवाले हैं मणिपुर चक्र। स्वाधिष्ठानचक्र का बीज ‘वं’ ये बेसिक वरूण का है यानी वृष्टिदाता का हैं, राईट। अभी ये जो चक्र है मणिपुर चक्र, ये मणिपुर चक्र बहोत अजीब चक्र है, बहोत ही,

Devotion Sentience

  August 2019 From the Editor’s Desk   Hari Om Friend, The last month brought with it the pious period of Shree Gurucharanmaas. We witnessed the celebration of the Ashadhi Ekadashi and Shree Gurupournima during the period. On the occasion of the Ashadhi Ekadashi, thousands of Shraddhavans paid a visit to Shree Aniruddha Gurukshetram and offered Tulsipatra to the Trivikram Linga, as a symbol of their adoration. The Shraddhavans also

आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है

सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने ४ फरवरी २०१६ के प्रवचन में ‘आपके हृदय में भक्ति का होना यह आपके लिए आवश्यक है’ इस बारे में बताया।   मैं आपको एक चीज़ आज बोलना चाहता हूँ, हम बहोत सारे लोगों के मन में बचपन से बैठा हुआ है ये विचार, हमें बार-बार बोला भी जाता है। आप भक्ति नहीं करोगे तो भगवान कैसे प्रसन्न होगा? गलत। भगवान को आप की भक्ति की

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  June 2019 From the Editor’s Desk   Hari Om Friend, Sadguru Shree Aniruddha in his discourse on the “Significance of Hanuman Chalisa in Shraddhavan’s Life” stated that a human, most of the times, becomes desperate and feels powerless. However, Mother Mahishasurmardini Chandika makes available, various ways for him to come out of this situation. One of the beautiful and the simplest way is Shree Hanuman Chalisa. Sadguru Shree Aniruddha