‘अल्फा टू ओमेगा’ न्युजलेटर – सितंबर २०१९

Shree Aniruddha Upasana Foundation
सितंबर २०१९

संपादकीय,

हरि ॐ श्रद्धावान सिंह एवं वीरा

सावन के पवित्र महीने से त्योहारों की शुरुआत होती है जो कि आध्यात्म को बढाने में सहायक होती है। हर वर्ष, यह महीना हमें घोरकष्टोधारण स्त्रोत्र का सामूहिक पठन, श्री महादुर्गेश्वर प्रपत्ति, अश्वत्थ मारुती पूजन और वैभवलक्ष्मी पूजन में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है।

इस वर्ष से हमें, “शिव सहपरिवार पूजन” का महान अवसर भी प्राप्त हुआ है।

जिन विभिन्न मार्गों से हम परमात्मा को अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर सकते हैं उनकी संक्षिप्त जानकारी:

– समिरसिंह दत्तोपाध्ये

 

विषय

  • संपादकीय
  • अनिरुद्धाज्‌ अ‍ॅकॅडमी ऑफ डिझास्टर मॅनेजमेंट

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अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण

वर्ष ४ | अंक ९ | सितंबर २०१९ | १

 

 

 


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण


घोरकष्टोधारण स्त्रोत्र पठन

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सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी इस बात पर जोर देते हैं कि, सावन मास में 108 बार घोरकष्टोधारण स्त्रोत्र का सामूहिक पठन श्रद्धावानों के लिए लाभदाई होता है। अत: इस वर्ष साई निवास ऐनेक्स (उपभवन), बान्द्रा (पश्चिम) में इस स्त्रोत्र का पठन किया गया। श्रद्धावानों ने, पूरा महीना, बडे उत्साह से इस पठन में भाग लिया।

महादुर्गेश्वर प्रपत्ति

सन २०१० में सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी ने अपने रामराज्य के प्रवचन के दौरान प्रपत्ति के बारे में बताया था। उन्होंने कहा, प्रपत्ति शब्द का सरल अर्थ है, “आपत्तिनिवारण करनेवाली शरणागति” अर्थात जो आपत्ति की दूर कर सकती उसे प्रपत्ति कहते हैं। शरणागति का अर्थ होता है खुद को आदिमाता चण्डिका और उसके पुत्र त्रिविक्रम के चरणों में आत्मसमर्पित करना।

उन्होंने यह भी कहा कि, प्रपत्ति सभी महिलाओं एवं पुरुषों को बहादुर सैनिक बनाती है।

 

श्रद्धावान पुरुष सावन के महीने में हर सोमवार को मिलकर रामूहिकरूप से महादुर्गेश्वर प्रपत्ति करते हैं।

अश्वत्थ मारूती पूजन

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इस महीने में श्रद्धावानों को अश्वत्थ मारुती पूजन में भी भाग लेने का अवसर मिलता है।

सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापूजी ने कई बार कहा है कि, भक्तिमार्ग पर चलनेवाले प्रत्येक व्यक्ति का हर कदम हनुमानजी के मार्गदर्शन अनुसार ही आगे बढता है।

वे हर श्रद्धावान की उंगली पकडकर उसे भक्तिमार्ग पर आगे ले जाते हैं इसलिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए।

’अश्वत्थ’ वास्तव में पीपल का वृक्ष है और भारतीय शास्त्रों में इसका बडा ही महत्वपूर्ण स्थान है।

’ऊपर जडें और नीचे शाखाएँ’, ऐसा यह अश्वत्थ वृक्ष सांसारिक जीवन का प्रतीक है जो दुनिया से परमात्मा के संबंध का प्रतिनिधित्व करता है।


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण

वर्ष ४ | अंक ९ | सितंबर २०१९ | २

 


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण


शिव सहपरिवार पूजन

गुरुवार, २० जून २०१९, सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी ने सभी श्रद्दावानों को सावन मास का महत्व बताया। उन्होंने शिवजी के परिवार के बारे में बताया और शिव सहपरिवार पूजन की जानकारी दी। तब बापूजी ने कहा, “सावन का महीना श्रवणभक्ति (परमात्मा की महीमा/गुणसंकीर्तन सुनना) और शिवजी की भक्ति का महीना है।

जब हम भगवन शिव के परिवार की कल्पना करते हैं तो हम भगवान शिव, माता पार्वती और उनके दो पुत्र गणेशजी और कार्तिकजी का चित्र बनाते हैं।

परन्तु हम भगवान शिव की दो पुत्रियां, बालाविशोकसुंदरी और ज्योतिर्मयी के बारे में नहीं जानते।” सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी ने ३० जून के कथामंजिरी-११ में श्री शिव परिवार के बारे में भी बताया।

इको फ्रेंडली गणेश मूर्ती

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श्री अनिरुद्ध उपासना फाउंडेशन बहुतसारे श्रद्धावानों की सहायता से ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां बनाने का कार्य करता है। सन २००५ से सद्गुरु श्रीअनिरुद्धजी के मार्गदर्शन पर ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां बनाने की सेवा जारी है।

ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्ति बनाने की पद्धति को पेटेंट करने का मौका होने के बावजूद फाउंडेशन ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया ताकि, अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर पाएं और पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान दे सकें। इस वर्ष की ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियों का विवरण निम्नलिखित है :

मुंबई में बनाई गई मूर्तियों की संख्या १६५०
मुंबई में भाग लेने वाले केंद्रों की संख्या ३९
मुंबई में पेंटिंग स्टेशन
अन्य केंद्र महाराष्ट्रा – १५,
कर्नाटक – १ आणि
गोवा- १
कुल मूर्तियों बनाई गईं ३०००

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अनिरुद्धाज्‌ अ‍ॅकॅडमी ऑफ डिझास्टर मॅनेजमेंट

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कोल्हापुर, सांगली, सतारा, पुणे और सोलापुर जिलों में ४ लाख से अधिक लोग अभूतपूर्व बाढ से प्रभावित थे। इन पांच जिलों में फैले ६९ तालुकाओं में ७६९ गाँव गंभीर रूप से प्रभावित थे। भारतीय सेना, नौसेना और NDRF ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जिलों में बचाव कार्य किया। इन एजेंसियों के साथ, अनिरुद्धाज्‌ एकाडमी ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (एएडीएम) ने भी बचाव और राहत सेवाओं में बडी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कई क्षेत्रों में डिजास्टर मैनेजमेंट वॉलंटीर्स (DMVs) ने राफ्ट का उपयोग करके बाढ़ में फंसे कई लोगों को बचाया। DMVs ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मदद से ‘भीड़ नियंत्रण’ का महत्वपूर्ण कार्य भी किया। उन्होंने कई परिवारों के घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में मदद की। सांगली जेल में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण वहां फंसे हुए पुलिस कर्मियों को भी DMVs ने सुरक्षित निकाला।

बचाव और राहत कार्यों में DMVs की सहायता करने में हैम रेडियो ने बडी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब मोबाइल नेटवर्क नाकाम था और बिजली भी नहीं थी तब राहत कार्यों में लाइसेंस प्राप्त DMVs हैम रेडियो की सहायता से आपस में सम्पर्क और समन्वय रख पाए थे।

अनिरुद्धाज्‌ एकाडमी ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (एएडीएम) ने जरूरतमंदों को पीने का पानी, भोजन, कपड़े और अनाज प्रदान किया।

कराड और आस-पास के इलाकों के DMVs ने राहत कार्य में भाग लिया। राष्ट्रीय राजमार्ग ४ पर दो दिनों से फंसे हुए ५०० ट्रक चालकों के बारे में खबर मिलते ही एक घंटे के भीतर अनिरुद्धाज्‌ एकाडमी ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट के ‘DMVs’ ने उनके लिए भोजन की व्यवस्था की।

बाद में, ’पुराना ही सोना’ परियोजना के तहत, कई श्रद्धावानों ने मदद का हाथ बढाया।

सदगुरु श्री अनिरुद्धजी ने “पुराना ही सोना’ परियोजना अपने १३-सूत्री-कार्यक्रम के एक भाग के रूप में शुरू किया था।

शइस बाढ़ से प्रभावित लोगों को आधार प्रदान करने हेतु श्रद्धावानों ने कपड़े और अन्य घरेलू चीजें दान कीं।

अब तक लगभग १७,०००+ कपड़े, जिनमें टी-शर्ट, पतलून, कंबल और बच्चों के कपड़े और ७०००+ अन्य घरेलू चीजों के पैकेट शामिल हैं जैसे अनाज, दालें, गेहूं का आटा, चाय पत्ती, टूथपेस्ट आदि मुम्बई स्थित उपासना केंद्रों द्वारा प्रदान किए गए।

समस्त महाराष्ट्र स्थित उपासना केंद्रों द्वारा ३०००+ कपड़े प्रदान किए गए।


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण

वर्ष ४ | अंक ९ | सितंबर २०१९ | ३

 

 


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण


 

अनिरुध्दाज्‌ अ‍ॅकॅडमी ऑफ डिझास्टर मॅनेजमेंटचे उपक्रम

अनुक्रमांक कार्यक्रम दिनांक स्थान टिप्पणियां
१. एएडीएम बेसिक कोर्स और प्रशिक्षण ५ ऑगस्ट २०१९ से ११ ऑगस्ट २०१९ एएडीएम ऑफिस, लिंक अपार्टमेंट, मुंबई ८ श्रद्धावान सहभागी हुए
१९ ऑगस्ट २०१९ से २५ ऑगस्ट २०१९ शिवाजीनगर व चंदननगर उपासना केंद्र, पुणे ३१ एवं २३ श्रद्धावान इसके अंतर्गत सम्मानपूर्वक सहभागी हुए
२. एएडीएम सेवा ५ ऑगस्ट २०१९, १२ ऑगस्ट २०१९, १९ ऑगस्ट २०१९, २६ ऑगस्ट २०१९ नागेश्वर मंदिर शिरपूर ४४१ डी.एम.व्हीज् शिरपुर तथा वहीं के करीबी क्षेत्र में सहभागी हुए
१९ ऑगस्ट २०१९ श्रीक्षेत्र निर्झानेश्वर ५७ डी.एम.व्हीज् सहभागी हुए
३. एएडीएम परेड १५ ऑगस्ट २०१९ १) गुरुक्षेत्रम् – मुंबई २) अतुलितबलधाम – रत्नागिरी ३) नंदुरबार ४) गडहिंग्लज कुल मिलाकर २६२ डी.एम.व्हीज् स्वतंत्रतादिवस के इस परेड समारोह में सहभागी हुए

 

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