‘अल्फा टू ओमेगा’ न्युजलेटर – जनवरी २०२०

Shree Aniruddha Upasana Foundation
जनवरी २०२०

संपादकीय

हरि ॐ श्रद्धावान सिंह और वीरा,

आपको और आपके परिजनों को नववर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। परमपूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी की कृपा से हम सभी ने अनिरुद्ध भक्तिभाव चैतन्य मनाते हुए सन २०२० में कदम रखा है।

मुझे यकीन है कि हम सभी अब भी ३१ दिसंबर २०१९ के उन सुंदर यादों में डूबे हुए हैं जो कि हमने सद्गुरू श्री अनिरुद्धजी पर रचे गए अभंगों का आनंद उठाते हुए, नाचते-गाते बिताए थे।

दिसम्बर, बल्कि मार्गशीर्ष महीना एक पवित्र महीना है जिसमें श्रद्धावान बडे हर्षोल्लास से दत्त जयंती के पर्व से श्री सच्चिदानंद उत्सव और वर्धमान व्रताधिराज मनाते हैं।

– समीरसिंह दत्तोपाध्ये

 

Contents

  • संपादकीय
  • श्री सच्चिदानंद उत्सव
  • दत्त जयंती उत्सव
  • श्री वर्धमान व्रताधिराज
  • दैनिक प्रत्यक्ष दत्तजयन्ती विशेषांक
  • वैभव लक्ष्मी उत्सव
  • कृपासिंधु कैलेंडर २०२० का मोबाइल अ‍ॅप प्रकाशन
  • रक्तदान शिविर
  • अनिरुध्दाज् अ‍ॅकॅडमी ऑफ डिझास्टर मॅनेजमेंट (एएडीएम)

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अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण

वर्ष ५ | अंक २ | जनवरी २०२० | १

 

 


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण


श्री सच्चिदानंद उत्सव

श्रद्धावान मार्गशीर्ष महीने में श्री सच्चिदानंद उत्सव मनाते हैं, जो कि सर्वश्रेष्ठ दैवत्व माना जाता है।

इस उत्सव में श्रद्धावान रामनाम की बहियों के गूदे से बनी श्र्द्धेय सद्गुरु पादुकाओं की पूजा करते हैं।

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हर वर्ष श्रद्धावान मार्गशीर्ष में शुक्लपक्ष के दूसरे शनिवार से सद्गुरु भक्तिभाव चैतन्य में लीन होकर सच्चिदानंद उत्सव मनाते हैं।

यह उत्सव देढ अथवा पाँच दिन मनाया जाता है। श्रद्धावान सच्चिदानंद उत्सव के दौरान बढते हुए भक्तिभाव चैतन्य में प्रेम से सदगुरु के प्रति विनम्रता से अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

और यही नहीं बल्कि मार्कशीर्ष में पादुका पूजन करने से विकास एवं परमात्मा से निकटता के द्वार खुल जाते हैं।

इसके अलावा, जिस घर में श्री सद्गुरु की पादुकाओं का स्वागत एवं पूजन होता है वहां कलीपुरुष या अशुभत्व कभी भी बाधा नहीं डाल सकता।

दत्त जयंती उत्सव

दिसम्बर में मार्गर्शीर्ष पूर्णिमा के दिन दत्त जयंती होती है।

इसी दिन श्री दत्तात्रेयजी का जन्म हुआ था। इसलिए श्री हरिगुरुग्राम, बांद्रा में श्री दत्तजयंती उत्सव मनाया जाता है।

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दत्तजयन्ती के दिन से महीनाभर चलनेवाले वर्धमान व्रतधिराज का शुभारम्भ होता है, जो कि जनवरी तक चलता है जिसमें नववर्ष समाया होता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि श्रद्धावान व्रत के दौरान नववर्श का शुभारम्भ करते हैं जिससे परमात्मा के ’नव अंकुर ऐश्यर्य’ प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

श्री वर्धमान व्रताधिराज

२४ दिसंबर २००९ को सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापूजी ने श्री वर्धमान व्रताधिराज का महत्व समझाया था। उन्होंने ’वर्धमान’ शब्द का अर्थ समझाते हुए कहा था कि, ’जो बढ़ता है और हमें बढ़ने देता है।’ हमारे शरीर में विभिन्न ऊर्जा केंद्र जो स्थूल, सूक्ष्म तथा अति-सूक्ष्म स्तर पर निष्क्रिय होते हैं, वे इस व्रत का पालन करने से सक्रिय हो जाते हैं। सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी ने प्रत्येक श्रद्धावान के लिए यह व्रत उन्मुक्त किया है।

परमात्मा के ’नव अंकुर ऐश्वर्य’ प्राप्त करने के लिए वर्धमान व्रताधिराज महामार्ग है। श्री वर्धमान व्रताधिराज सभी व्रतों में सर्वोच्च शिखर है।

वर्धमान व्रताधिराज सार्वभौम व्रत है जो दैवी आशिष को सुदृढ़ बनाता है और बदकिस्मती को नष्ट करता है।

जो कोई अपने जीवन इस व्रत का पालन कम से कम ९ बार अथवा जीवन के चतुर्थांश भाग जितना करता है वह बुरे से बुरे पापों (पांच महापाप) से मुक्ति पा लेता है।

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जो कोई जीवन में कम से कम एक बार यह व्रत तहेदिल से करते हैं उनके कष्ट और पीड़ाओं की तीव्रता कम हो जाती है।

इस वार्षिक व्रत को अपने जीवन में एक से अधिक बार करनेवाले श्रद्धावान को सुख की प्राप्ति होती है और उनके क्लेश मिट जाते हैं।

 


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण

वर्ष ५ | अंक २ | जनवरी २०२० | २

 


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण


दैनिक प्रत्यक्ष दत्तजयन्ती विशेषांक

सद्गुरु श्री अनिरुद्धजी ने सन २००५ में श्री दत्त जयंती के शुभ अवसर पर दैनिक प्रत्यक्ष का शुभारंभ किया था।

तत्पश्चात इस अवसर पर हर वर्ष, दैनिक प्रत्यक्ष “वार्षिक विशेषांक” प्रकाशित करता है। इसमें वर्तमान मामलों से लेकर नवीनतम जीवन शैली प्रवृत्तियां, विज्ञान, इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी, आदि प्रकाशित करता है।

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’प्रत्यक्ष’ में प्रकाशित होनेवाले विषयों की सूचि इतनी विस्तृत है कि यहां पर सभी क्षेत्रों के नाम लिखना संभव नहीं है। इस वर्ष दैनिक प्रत्यक्ष ने १४ वर्ष पूरे किए हैं और पिछलेवर्ष की थीम ही चुनी गई, ’विशेष, आश्चर्यजनक और विलक्षण।’

इस प्रकाशन ने कुछ सबसे दिलचस्प, अज्ञात विषयों पर जैसे अंतरिक्ष बस्तियां, सुपरसैनिक, मानवी-तस्करी तथा भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक नम्बी नारायणनजी की जीवन गाथा तथा झारिया कोयले की खान जो १०० वर्षों से जल रही है। डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को खरीदने की पेशकश की। नॉर्वे के ट्रोम्सो गांव की गलत खबर और किस तरह से फिल्मों की रैम्बो श्रृंखला अमेरिका की नरमी को दर्शाती हैं।

वैभव लक्ष्मी उत्सव

मार्गशीर्ष के पावन महीने में श्री गुरुकुल जुईनगर में वैभव लक्ष्मी उत्सव मनाया जाता है।

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देवी वैभवलक्ष्मी चेतना शक्ति हैं – भगवान महाविष्णु की महत्वपूर्ण शक्ति है।

यही श्रीविद्या हैं, महाविष्णु के कार्य का आधार हैं।

देवी महालक्ष्मी का वास हमेशा महाविष्णुजी के चरण कमलों में होता है इसलिए जहाँ महाविष्णुजी की पूजा होती है वहीं देवी महालक्ष्मी अवश्य निवास करती और आशीष देती हैं।

यह उत्सव नवंबर दिसंबर के दौरान होता है।

श्रद्धावान इसमें वैभवलक्ष्मी पूजन एवं यज्ञ में भाग ले सकते हैं।

कृपासिंधु कैलेंडर २०२० का मोबाइल अ‍ॅप प्रकाशन

सन २०२० के श्री कृपासिंधु कैलेंडर ऐप को Apple iOS और Android पर लॉन्च किया गया है।

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यह कैलेंडर मराठी भाषा में उपलब्ध है। https://play.google.com/store/apps/details?id=com.shreekrupasindhu.calendar&hl=en.

रक्तदान शिविर

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दिसम्बर २०१९ में महाराष्ट्र राज्य में कुल २६ स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें कुल २१७२ श्रद्धावानों ने भाग लिया।

 


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण

वर्ष ५ | अंक २ | जनवरी २०२० | ३

 


अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर – मासिक संस्करण


अनिरुध्दाज् अ‍ॅकॅडमी ऑफ डिझास्टर मॅनेजमेंट (एएडीएम)

अ. कार्यक्रम तारीख स्थान सहभाग आणि तपशील
१. एएडीएम बेसिक कोर्स आणि ट्रेनिंग ०१-दिसंबर-२०१९ और ०२-दिसंबर- २०१९ दुबई उपासना केंद्र ५१ श्रद्धावानों ने भाग लिया
०९-दिसंबर- २०१९ से १५-दिसंबर- २०१९ अष्ट उपासना केंद्र, सांगली ४० श्रद्धावानों ने भाग लिया
१६-दिसंबर- २०१९ से २२-दिसंबर- २०१९ नासिक उपासना केंद्र, नाशिक ३२ श्रद्धावानों ने भाग लिया
२३-दिसंबर- २०१९ से २९-दिसंबर- २०१९ मोशी उपासना केंद्र, पिंपरी चिंचवड़ व कर्‍हाड उपासना केंद्र कुल १९ से ३२ श्रद्धावानों ने भाग लिया
२१-दिसंबर- २०१९ से २५-दिसंबर- २०१९ कनकवली उपासना केंद्र, सिंधुदुर्ग कुल ३० श्रद्धावानों ने भाग लिया
२. एएडीएम सेवा २८-नवंबर-२०१९ से १९-दिसंबर-२०१९ श्री महालक्ष्मी मंदिर कुल १८८ डी.एम.वीज्‌ ने भाग लिया
११ दिसंबर २०१९ दत्त मंदिर, नंदुरबार कुल १९ डी.एम.वीज्‌ ने भाग लिया
१५ दिसंबर २०१९ अयप्पा सेवा भाईंदर कुल ६७ डी.एम.वीज्‌ ने भाग लिया

 

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